भारत को मिलने वाले राफेल ने फ्रांस में भरी पहली उड़ान, ये हैं खासियतें

नई दिल्ली।  भारत को मिलने वाले जिस राफेल विमान को लेकर घमासान मचा हुआ है, उसने आज फ्रांस में अपनी पहली उड़ान भरी। मंगलवार को फ्रांस के इस्‍त्रे-ले-ट्यूब एयरबेस पर भारतीय वायुसेना को मिलने वाले राफेल लड़ाकू विमान के बेड़े में से पहले विमान का परीक्षण किया गया। इस दौरान राफेल को रनवे पर उतारा गया और उसके विभिन्‍न परीक्षण किए गए, जिसके बाद इस शक्तिशाली विमान ने तकनीकी कर्मियों और इंजीनियरों की देख-रेख में पहली उड़ान भरी।
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ये हैं राफेल की खासियतें 
1. राफेल विमान एक बार में करीब 26 टन (26 हजार किलोग्राम) वजन के साथ उड़ान भरने में सक्षम है।
2. यह 3,700 किलोमीटर के रेडियस में कहीं भी हमला करने में सक्षम है।
3. यह 36 हजार से 60 हजार फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और यहां तक महज एक मिनट में पहुंच सकता है।
4. इसमें एक बार ईंधन भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है।
5. इस विमान से हवा से जमीन और हवा से हवा में हमला किया जा सकता है।
6. राफेल पर लगी गन एक मिनट में 125 फायर करने में सक्षम है और यह हर मौसम में लंबी दूरी से खतरे को भांप लेता है।
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 बता दें कि राफेल जेट डील में ऑफसेट समझौते के लिए दसॉ-रिलायंस संयुक्‍त उपक्रम के मसले पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि इस मुद्दे पर दसॉ एविएशन के सीईओ ने झूठ बोला। इस पर अब सफाई देते हुए सीईओ एरिक ट्रेपियर ने कहा, ''मैं झूठ नहीं बोलता। मैंने इससे पहले जो घोषणा की और बयान दिया, वे सच हैं। मेरी छवि झूठ बोलने वाले व्‍यक्ति की नहीं है।" उन्होंने कहा कि मेरी जैसी पोजिशन वाला CEO  झूठ नहीं बोलता।