लाखों की नौकरी छोड़ पिता के लिए प्रचार करने पहुंची बेटी


नेताओं के निजी स्वार्थ के खिलाफ रायपुर ग्रामीण से निर्दलीय प्रत्याशी हैं पिता

रायपुर । यूं तो चुनाव में धनबल और बाहूबल का अहम किरदार होता है। ऐसे में जब विधायक और मंत्री रह चुके खाटी नेता और भाजपा जैसी ताकतवर पार्टी के पूर्व विधायक के खिलाफ चुनावी बिगुल हाथ में लिये कोई सेवानिवृत बैंक अधिकारी प्रत्याशी बनकर उतरे तौ चर्चा लाजमी है। रायपुर ग्रामीण में ग्रामीण बैंक में प्रबंधक के तौर पर पदस्थ बुधारु राम बंजारे अब वहां से निर्दलीय प्रत्याशी हैं। संपन्न परिवार, बेटा उच्च न्यायालय का कामयाब अधिवक्ता और बेटी एमएसीटी भोपाल और आईआईएम बैंगलुरु की होनहार स्टूडेंट रही। ऐसे में रिटायर्ड होने के बाद आराम की जिंदगी बसर करना छोड़ पिता के विधानसभा चुनाव लडऩे के निर्णय से पहले तो परिवार चौंका पर निजी स्वार्थ छोड़कर स्वाभिमानी बनने का गुरु मंत्र पाने वाली बेटी आतिशा बंजारे अब अपने पिता के चुनाव प्रचार के लिए जुट गई है। आतिशा ने लाखों रुपए सैलरी वाली नौकरी छोड़कर बैंगलुरू से अपने पिता का प्रचार अपने हाथों में लिया है। बेटी पर जितना गर्व पिता को है उससे कहीं ज्यादा पिता से मिली नसीहतों के बल पर कामयाबी की बुलंदियां छूने वाली आतिशा को अपने पिता पर है। बस इसलिए बेहतरीन मौका, मोटी रकम वाली सैलरी को छोड़ बेटी अब रायपुर ग्रामीण विधानसभा में पिता के चुनाव प्रचार की तैयारियों में जुट गई है। इलेक्ट्रॉनिक एवं टेलिक्म्युनिकेशन इंजीनियरिंग की होनहार छात्राओं में शामिल अतिशा बंजारे का कहना है उनके पिता ने उन्हें कभी किसी भी फैसलों से रोका नहीं अब वे पिता के चुनाव लडऩे के फैसले पर बिना सवाल किये रायपुर ग्रामीण की जनता से वोट मांग रही हैं। अतिशा बंजारे का कहना है कि उनके पिताजी के प्रचार का नारा है सादगी, साहस और संकल्प , इस चुनाव मे रहे टोर्च आपका विकल्प, जो कि इनके पिताजी के व्यक्तित को देखते हुए लिखा गया है वो भी उनके छोटे भाई के द्वारा जो पेशे से वकील पर लिखने का भी शौक रखते है। चुनाव चिन्ह टोर्च भी उन्होंने ने अपनी विचारधारा के अनुरूप चुना है। टॉर्च मे है कहता है कि समाज मे वर्तमान की अंधकार रूपी परेशानइयो पे रोशनी डालना और उम्मीद की किरण लाना है ।उनके पिता बुधारू राम बंजारे रायपुर ग्रामीण विधानसभा सभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे चुनावी मैदान मे उतरे है । छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक पद पर रहे हैं। संयोग की बात है कि 30 साल के उनके बैंकिंग कार्यकाल मे उन्हें केवल एक बार रायपुर मे सन 2000-2004 मे भनपुरी मे नौकरी करने का मौका मिला और आज वही क्षेत्र उनके विधानसभा के अंतर्गत आता है जहाँ चुनाव चिन्ह बैटरी टोर्च के साथ वो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे चुनाव लड़ रहे है।


इस उद्देश्य के साथ कि ये पारंपरिक सोच/धारणा को गलत साबित करना है की अपनी परेशानियों का हल केवल राजनीतिक पार्टियों के द्वारा ही हो सकता है, क्योंकि चुनाव के वक्त तक अगर कोई समस्या है तो ये इस बात का संकेत है की, अब तक सत्ता धारी पार्टी और विपक्ष दोनो असफल रहे।

विधायक शब्द की नई परिभाषा बनाई

श्री बुधारू राम बंजारे प्रत्याशी, स्व श्री धनऊ राम बंजारे पिताजी का नाम, पैतृक गांव गुखेरा थाना आरंग, वर्तमान में अवंति विहार रायपुर मैं रहते हैं, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में 30 साल नौकरी करने के बाद वरिष्ठ अधिकारी के रूप में रिटायर हुए। उन्हों ने विधायक की हर शब्द वाली नई परिभाषा प्रतिपादित किये हैं। जो इस प्रकार है-

वि -विधिवत
ध-धैर्यशील
आ- आपका
य- यथावत
क- कार्यकर्ता

बाबा साहब के रोज करते हैं दर्शन

रायपुर ग्रामीण के प्रत्याशी श्री बंजारे की दैनिक क्रियाकलाप नियमित है। वे कितने भी व्यस्त रहें पर बाबा साहब आंबेडकर के दर्शन किये बिना नहीं रहते। खजाना तिराहा रायपुर स्थित बाबा साहब की प्रतिमा स्थल में वे दिनभर में एक बार जरुर आते हैं।