25 करोड़ मोबाइल यूजर्स के सिम नहीं होंगे बंद


  • -ट्राई ने कंपनियों को जारी किए निर्देश
नई दिल्ली  । देश की दिग्गज कंपनियों द्वारा नंबर को चालू रखने के लिए 35 रुपये का रिचार्ज करवाना अनिवार्य करने पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नाराजगी जताई है। ट्राई ने कंपनियों को ऐसे ग्राहक, जिनके खाते में 'पर्याप्त  बैलेंस उपलब्ध है मासिक अवधि बीतने के बावजूद भी उनके कनेक्शन को तुरंत न बंद करने के लिए कहा है। बता दें कि एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया ने ग्राहकों को हर महीने 35 रुपये का रिचार्ज करवाना अनिवार्य कर दिया है। कंपनियों का कहना है कि अगर वे रिचार्ज नहीं करवाते हैं तो उनके नंबर बंद कर दिए जाएंगे। इसको लेकर इन टेलिकॉम कंपनियों ने ग्राहकों को मैसेज भी भेजना शुरू कर दिया है।  
ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा, टैरिफ और प्लान को लेकर हम आम तौर पर हस्तक्षेप नहीं करते हैं। लेकिन खाते में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद अगर लोगों से कहा जा रहा है कि उनकी सेवाएं काट दी जाएंगी तो ये सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सर्विस प्रोवाइडर्स को मंगलवार को दिशा-निर्देश जारी कर दिये गए। ट्राई वर्तमान में वह इस पूरे मुद्दे को देख रहा है। इसी बीच उसने सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट रूप से उपभोक्ताओं को यह बताने का निर्देश दिया है कि उनका मौजूदा प्लान कब खत्म हो रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को न्यूनतम रिचार्ज सहित अन्य विकल्पों के बारे में भी साफ तौर पर जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। उसने सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को उपभोक्ताओं को तत्काल मोबाइल संदेश के जरिए जानकारी देने को कहा है। ट्राई ने कहा है कि इसमें 72 घंटे से अधिक की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ट्राई ने यह भी कहा है कि इस अवधि तक ऐसे उपभोक्ता जिनके प्रीपेड अकाउंट में न्यूनतम रिचार्ज के बराबर राशि है, उनकी सेवाएं नहीं काटी जानी चाहिए।
एक रिपोर्ट के अनुसार देश के 250 मिलियन सब्सक्राइबर्स एक महीने में 35 रुपये से भी कम का रीचार्ज कराते हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि एयरटेल के पास ऐसे 100 मिलियन यूजर और वोडाफोन-आइडिया के पास करीब 150 मिलियन यूजर हैं जो महीने भर में 35 रुपये से भी कम का रीचार्ज कराते हैं। इसलिए कंपनी ने मिनिमम 35 रुपये का रीचार्ज कराने को अनिवार्य करने का ऐलान किया। बता दें कि टेलिकॉम कंपनियों के बीच हो रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने यह फैसला लिया है। इससे कंपनियों के राजस्व और उपभोक्ताओं की संख्या में काफी कमी आई है और इसी के चलते इन कंपनियों ने न्यूनतम मासिक रिचार्ज को अनिवार्य बनाने का ऐलान किया है।