2.0 एक साइंस फिक्शन, एक्शन मूवी, 14 भाषाओं में हुई रिलीज

मुंबई। बॉलीवुड एक्टर रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म 2.0 आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ये एक साइंस फिक्शन, एक्शन मूवी है, जिसे 14 भाषाओं में डब करके रिलीज किया जा रहा है।  कहानी उस पल से शुरू होती है, जब लोगों के मोबाइल अचानक से गायब होने लगते हैं और कोई शक्ति उन्हें अपनी ओर खींच कर लापता कर देती है। वैज्ञानिक वसीकरण(रजनीकांत) को भी इसका पता नहीं चल पाता। गृहमंत्री एस विजय कुमार (आदिल हुसैन) इसके लिए वसीकरण की मदद लेते हैं, जो उस शक्ति के बारे में पता करने की कोशिश करता है। इसी बीच नीला (एमी जैकसन) और चिट्टी (रजनीकांत) की एंट्री होती है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब पक्षीराज (अक्षय कुमार) की मौजूदगी दर्ज होती है। मोबाइल के गायब होने की वजहें सामने आती हैं। अंततः क्या होता है और पांचवां फ़ोर्स क्या है, ये आपको थिएटर जाकर देखना पड़ेगा ।



फिल्म तकनीकी रूप से काफी स्ट्रॉन्ग है। जिस तरह का वीएफएक्स, लोकेशन शंकर ने दिया है, उसकी जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है। विजुअल ट्रीट कमाल का है। साथ ही साथ फिल्म देखते हुए नजर आता है कि आखिरकार कितनी मेहनत इस फिल्म के पीछे की गई होगी। अक्षय कुमार का लुक कमाल का है। जिस तरह से वो फिल्म में अपने लुक से सरप्राइज करते हैं, वो भी देखना काफी दिलचस्प है। रजनीकांत का काम वैज्ञानिक और रोबोट के रूप में बढ़िया है। साथ ही एक और सरप्राइज उनके किरदार के साथ आता है, जिसके बारे में आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर, साउंड डिजाइन बेहतरीन है। इसके लिए रेसुल पोकुट्टी बधाई के पात्र हैं। फिल्म में एक अहम मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई है, जो पूरी तरह तो नहीं लेकिन सोचने पर मजबूर जरूर करेगा। एमी जैक्सन का ज्यादा काम नहीं है। लेकिन उन्होंने सहज अभिनय किया है। आदिल हुसैन, सुधांशु पांडेय और बाकी सह कलाकारों का काम भी ठीक है।




कमजोर कड़ियां

फिल्म की कमजोर कड़ी इसका स्क्रीनप्ले है, जिसे दुरुस्त करना बहुत जरूरी था। फिल्म की कहानी पस्त है। एंथोनी ने एडिटिंग सही करने की कोशिश की है, जो और बेहतर हो सकती थी। फिल्म एक काल्पनिक कथा है, इसके साथ पूरी तरह से इत्तेफाक रखना मुश्किल होगा। फिल्म का म्यूजिक रिलीज से पहले हिट नहीं हो पाया है। एआर रहमान की मौजूदगी भी हिंदी में बढ़िया गाना नहीं दे पाई है।