RBI और सरकार में तनाव बढ़ा, गवर्नर उर्जित पटेल दे सकते हैं इस्तीफा




बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच चल रहे तनाव के कारण आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं। खबरों के मुताबिक अगर सरकार रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 लागू करती है तो उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं। सेक्शन 7 के तहत सरकार को यह अधिकार है कि वो आरबीआई के गवर्नर को गंभीर और जनता के हित के मुद्दों पर काम करने के लिए निर्देश दे सकती है। यह सेक्शन स्वतंत्रता के बाद अब तक उपयोग नहीं किया गया है।



लागू हो सकता है RBI एक्ट का सेक्शन 7
जानकारी के मुताबिक उर्जित पटेल ने अपना पक्ष सरकार के सामने रख दिया है। उर्जित पटेल ने सरकार से कह दिया है कि वो आरबीआई के रिजर्व पर पर रेड न करे। सरकार चाहती है कि अगर पटेल इस्तीफा देते हैं तो अगला गवर्नर कोई ब्यूरोक्रेट हो। सरकार ने अब तक आरबीआई एक्ट के सेक्शन 7 को लागू नहीं किया है। पिछले कुछ समय से सरकार और रिजर्व बैंक के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल वी आचार्य ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्रीय बैंक की आजादी की उपेक्षा करना ‘बड़ा घातक’ हो सकता है।



बचा है अभी 11 महीने का कार्यकाल
कहा जा रहा है कि वर्तमान हालात का असर उर्जित पटेल के भविष्य पर भी पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसाीर अगले साल सितंबर में उर्जित पटेल के 3 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। पटेल के सेवा विस्तार की बात तो दूर की है उनके बाकी के कार्यकाल पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी ने किया पटेल का समर्थन
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पटेल के लिए अपना समर्थन दिखाया और ट्वीट किया कि यदि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने इस्तीफा दिया तो यह बढ़ते एनपीए के लिए वित्त मंत्री द्वारा उन्हें आरोपी ठहराए जाने का नतीजा होगा। उन्होंने कहा कि पटेल अर्थशास्त्र के एक आत्म सम्मानित विद्वान हैं (येल से बैंकिंग में पीएचडी)। उन्हें इस पद पर रहने के लिए राजी किया जाना चाहिए।