ओडिशा-आंध्र में 'तितली' तूफान का कहर; 2 की मौत, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े



भुवनेश्वर। चक्रवाती तूफान 'तितली' ओडिशा और आंध्र के बाद अब बंगाल की तरफ मुड़ रहा है। वहीं, समुद्री तूफान की चपेट में आकर मछुआरों की नाव डूब गई, जिसमें करीब पांच मछुआरे सवार थे। इस तूफान ने आंध्र प्रदेश में दो लोगों की जान ले ली। बता दें कि तितली के आने पर ओडिशा के तटीय इलाकों में 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। राज्य में भारी बारिश भी हो रही है। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि इससे गोपालपुर और बेरहामपुर में कई पेड़ उखड़ गए।


वहीं, तूफान से होने वाले हर नुकसान से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। साथ ही, अलग-अलग जिलों में एनडीआरएफ की 18 टीमें तैनात कर दी गई हैं। तितली तूफान को लेकर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं, राज्य सरकार आठ जिलों में ‘ऑरेंज वार्निंग‘ जारी कर चुकी है।



11 और 12 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद
राज्य सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 11 और 12 अक्टूबर को बंद रखे जाने की घोषणा की है। साथ ही, कालेजों में होने वाले छात्रसंघ चुनावों को रद्द कर दिया गया है। सभी अधिकारियों के अवकाश रद्द करते हुए उन्हें तत्काल अपने मुख्यालयों में रिपोर्ट करने और तितली के प्रवेश के बाद राहत एवं बचाव अभियान में जुट जाने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, तितली तूफान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और इसके अगले 12 घंटे में और विकराल रूप धारण करने की आशंका है।

ट्रेन सेवाओं पर रोक
तितली के खतरे की आशंका के कारण पूर्वी तटीय रेलवे के वालियर मंडल को उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा दक्षिणी ओडिशा तट के बीच खुर्दा रोड और विजयानगरम के बीच दोनों ओर से ट्रेनों के आवागमन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। तूफान के मद्देनजर हैदराबाद/विशाखापत्तनम को जाने वाली ट्रेनों को शाम 6.40 बजे के बाद दुवादा से गुजरने की अनुमति नहीं है। खुर्दा रोड और विजयनगरम के बीच ईसीओआर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें, यानी हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन को नागपुर-बलहरशाह-विजयवाड़ा की दिशा के माध्यम से मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। कुछ ट्रेनों को रद्द किया जा सकता है या स्थिति के अनुसार आंशिक रूप से रद्द किया जा सकता है।


3 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
राज्य सरकार ने पांच तटीय जिलों के निचले क्षेत्रों से तीन लाख से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। पूरी तरह चौकस ओडि़शा सरकार ने इस आपदा का सामना करने के लिए अपनी पूरी मशीनरी झोंक दी है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि इस भयंकर चक्रवात के मद्देनजर हमने पहले ही तीन लाख लोगों को वहां से खाली करा दिया है।