-रायपुर में जेन-जी को दिए सक्सेस मंत्र; 200 का स्मारक सिक्का जारी किया
रायपुर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिन के दौरे पर गुरुवार को रायपुर पहुंचीं। वे इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'सेवा सम्मान पर्व और 'युवा प्रबोधन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने युवाओं को सक्सेस टिप्स दिए। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू को वीआईपी गेट से एंट्री नहीं मिली। इसके बाद वे दूसरे गेट से पैदल ही कार्यक्रम स्थल पहुंचे। विधायक संपत अग्रवाल को भी कार्यक्रम स्थल पर जाने से पहले रोक दिया गया था। इसके बाद वे वापस लौट गए। इससे पहले राष्ट्रपति ने लोकभवन में 200 का स्मारक सिक्का जारी किया। सिक्के पर एक तरफ अशोक स्तंभ और दूसरी तरफ शदाणी दरबार की पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की तस्वीर है। 35 ग्राम वजनी यह सिक्का 4 धातुओं से मिलकर बना है। इसे ऑनलाइन बुक किया जा सकता है।
राष्ट्रपति ने युवाओं को दिए सफलता के मंत्र
-पहला संकल्प: आजीवन सीखते रहने का
-दूसरा संकल्प: डरना मना है
-तीसरा संकल्प: समाज की प्रगति में योगदान देना
-चौथा संकल्प: अपनी जड़ों को याद रखना
असफलता से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से कहा कि चलते रहिए, आगे बढ़ते रहिए और सीखते रहिए। किताबें पढि़ए, नई तकनीक सीखिए, सवाल पूछिए और खुद का विकास कीजिए। सीखने की इच्छा व्यक्ति को प्रगतिशील बनाती है। उन्होंने कहा कि जो डर गया, सो मर गया। जीवन में जैसी भी परिस्थिति आए, उसका डटकर सामना कीजिए। असफलता से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है, इसलिए गलतियां सुधारिए और आगे बढि़ए। हताश होने का विकल्प मत रखिए। अपने साथ-साथ परिवार और देश को भी आगे बढ़ाने का संकल्प लीजिए।
बड़ा बनने के बाद पीछे रह गए लोगों को आगे बढ़ाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बड़ा बनने के बाद हमेशा पीछे मुड़कर देखना चाहिए और पीछे रह गए लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए। यही बड़े होने की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि अगर आप बड़े अधिकारी बन गए, लेकिन आपके पड़ोसियों के पास आगे बढऩे के साधन नहीं हैं और आप उनकी मदद नहीं करते, तो आपके बड़े बनने का कोई फायदा नहीं है। जब आप दूसरों को आगे बढ़ाएंगे, तभी आपके बड़े बनने का सही मायने में फायदा होगा।
Óजहां से हमने अपनी यात्रा शुरू की, उसे हमेशा याद रखेंÓ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जहां से हमने अपनी यात्रा शुरू की है, उस जगह की स्थिति को हमेशा याद रखना चाहिए और उसे भी आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए। आधुनिकता हमें आगे बढऩे की शक्ति देती है, जबकि संस्कृति हमें अपनी जड़ों से जोड़कर रखती है।
महिलाएं अबला नहीं, सबला हैं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि महिलाओं को पहले अबला और दुर्बल कहा जाता था, लेकिन वे सबला हैं। महिलाएं किसी से कम नहीं हैं और वे सब कुछ कर सकती हैं।
साय बोले- राष्ट्रपति को स्टूडेंट्स से संवाद करना पसंद
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति शिक्षिका रही हैं, इसलिए उन्हें युवाओं और स्टूडेंट्स से संवाद करना अच्छा लगता है। राष्ट्रपति ओडिशा के एक छोटे से गांव से निकलकर आज देश के सर्वोच्च पद पर पहुंची हैं। उनकी यात्रा प्रेरणादायक है।
पुरंदर बोले- छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी-बेटी का संबंध
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। आज नुआखाई के अवसर पर यहां सभी को अउरसा खाने का भी मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और यहां धान की पूजा की जाती है। यहां का धान भगवान जगन्नाथ के भोग के लिए पुरी भेजा जाता है।
