जनरल धीरज सेठ पहुंचे सेंट पीटर्सबर्ग के पीटर एंड पॉल फोट्र्रेस में पारंपरिक तोप दागने का मिला विशेष सम्मान



-सैन्य सहयोग और आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों पर रहा जोर

सेंट पीटर्सबर्ग/नई दिल्ली। रूस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सेंट पीटर्सबर्ग स्थित प्रतिष्ठित 'मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमीÓ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अकादमी के संकाय सदस्यों और सैन्य विशेषज्ञों के साथ आधुनिक दौर की युद्ध रणनीतियों, प्रशिक्षण पद्धतियों और तोपखाने (आर्टिलरी) के आधुनिकीकरण से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।

तोप दागने का पारंपरिक सम्मान: यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ को सेंट पीटर्सबर्ग के ऐतिहासिक पीटर एंड पॉल फोट्र्रेस में पारंपरिक तोप दागने का विशेष सम्मान दिया गया। 

आधुनिक तकनीकों पर मंथन: सैन्य जरूरतों के मुताबिक आर्टिलरी विंग को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने, सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को साझा करने और संस्थागत आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।

रणनीतिक सहयोग को मजबूती: भारतीय सेना के अनुसार, इस दौरे से दोनों देशों के शीर्ष सैन्य संस्थानों के बीच पेशेवर तालमेल और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिली है।


मास्को में अहम बैठकें और श्रद्धांजलि

दौरे के शुरुआती चरण में जनरल सेठ ने मास्को में 'अनाम सैनिकों के स्मृति स्थलÓ पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया। उन्हें वहां औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनरÓ भी दिया गया। इसके बाद उन्होंने रूसी लैंड फोर्सेज के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक साझेदारी पर उच्चस्तरीय बातचीत की। जनरल सेठ ने रूस के 'नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटरÓ का भी अवलोकन किया, जहां परिचालन प्रणालियों और रक्षा नियंत्रण तंत्र की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।


रक्षा साझेदारी को नया आयाम

भारत और रूस के बीच दशकों पुराना रक्षा सहयोग रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आर्टिलरी अकादमी का यह दौरा भारतीय सेना की मारक क्षमता को तकनीकी रूप से उन्नत करने और वैश्विक सैन्य अनुभवों को साझा करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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