ग्रामीण भारत में रोजगार भागीदारी बढ़ी, बेरोजगारी दर जनवरी के बाद सबसे कम



नई दिल्ली। देश में श्रम बाजार से जुड़े प्रमुख संकेतकों में अगस्त 2026 के दौरान सुधार देखने को मिला है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की कुल श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) जुलाई के 55.4 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 55.6 प्रतिशत हो गई। वहीं, रोजगार अनुपात (WPR) बढ़कर 52.8 प्रतिशत पहुंच गया, जो मार्च 2026 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भागीदारी में खास तौर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में स्थिति लगभग स्थिर रही।

ग्रामीण क्षेत्रों में LFPR और WPR में बढ़ोतरी

अगस्त 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में LFPR बढ़कर 58.2 प्रतिशत हो गया, जो जुलाई के 58 प्रतिशत से अधिक है। अगस्त 2025 के मुकाबले इसमें 1.2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में LFPR 50.4 प्रतिशत पर स्थिर रहा। कुल LFPR भी अगस्त 2025 के 55 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 55.6 प्रतिशत हो गया। WPR की बात करें तो यह जुलाई के 52.5 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 52.8 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण WPR 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत पहुंच गया। इसमें सालाना आधार पर 1.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है। शहरी WPR 47 प्रतिशत पर स्थिर रहा।


महिला श्रम भागीदारी में भी सुधार


अगस्त में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल महिला LFPR जुलाई के 34.4 प्रतिशत से बढ़कर 34.8 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला LFPR 38.8 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत पहुंच गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 25.3 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 25.4 प्रतिशत रहा। अगस्त 2025 की तुलना में कुल महिला LFPR में 1.1 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। इसी अवधि में ग्रामीण महिला LFPR 37.4 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गया। वहीं, शहरी महिला LFPR 26.1 प्रतिशत से घटकर 25.4 प्रतिशत रहा। महिलाओं के WPR में भी सालाना आधार पर सुधार हुआ है। यह अगस्त 2025 के 32 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2026 में 33 प्रतिशत हो गया।

ग्रामीण बेरोजगारी दर जनवरी के बाद सबसे कम

अगस्त 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की कुल बेरोजगारी दर (UR) जुलाई के 5.1 प्रतिशत से मामूली घटकर 5 प्रतिशत रह गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में अधिक स्पष्ट गिरावट दर्ज हुई। यह जुलाई के 4.5 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 4.1 प्रतिशत हो गई। यह जनवरी 2026 के बाद ग्रामीण बेरोजगारी दर का सबसे निचला स्तर है। शहरी बेरोजगारी दर जुलाई के 6.7 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 6.8 प्रतिशत रही। अगस्त 2025 की तुलना में कुल और शहरी बेरोजगारी दर लगभग स्थिर रही, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत से घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई।


पुरुष और महिला बेरोजगारी दर में भी कमी


पुरुषों में कुल बेरोजगारी दर लगातार तीसरे महीने घटी है। यह मई 2026 के 5.4 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 4.9 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण पुरुष बेरोजगारी दर जुलाई के 4.6 प्रतिशत से घटकर 4.3 प्रतिशत रही, जबकि शहरी पुरुष बेरोजगारी दर 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 6.1 प्रतिशत हुई। महिलाओं की कुल बेरोजगारी दर भी लगातार दूसरे महीने घटकर अगस्त में 5.1 प्रतिशत रही। ग्रामीण महिला बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत से घटकर 3.9 प्रतिशत हो गई। शहरी महिला बेरोजगारी दर में पिछले महीने की तुलना में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। PLFS के अगस्त 2026 के आंकड़े Current Weekly Status (CWS) के आधार पर जारी किए गए हैं। इस सर्वेक्षण में देशभर में कुल 3,70,160 लोगों से जानकारी जुटाई गई। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 2,11,353 और शहरी क्षेत्रों के 1,58,807 लोग शामिल थे।

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