दो-तिहाई अमेरिकी यूएस-ईरान समझौते को लेकर हैं संशय में: सर्वे



वाशिंगटन (स्पूतनिक)। दो-तिहाई अमेरिकी नागरिक युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को लेकर संशय में हैं। यह जानकारी फाइनेंशियल टाइम्स के लिए ब्रिटिश कंपनी फोकलडेटा द्वारा किये गये एक सर्वे से प्राप्त हुई। सर्वें के अनुसार, 66 प्रतिशत अमेरिकी मतदाताओं का मानना है कि इस एमओयू का पश्चिम एशिया की स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा या फिर इससे अस्थिरता बढ़ेगी और और ज़्यादा टकराव की आशंका बढ़ जाएगी।

कुल 44 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों का कहना है कि ईरान के साथ टकराव के बाद से अमेरिका की स्थिति कमज़ोर हुई है, जबकि 31 प्रतिशत वोटरों का मानना है कि यह मज़बूत हुई है। पांच में से केवल एक अमेरिकी वोटर का मानना है कि इस एमओयू से इलाके में शांति आएगी। यह रायशुमारी 26 से 30 जून के बीच 1,795 अमेरिकी मतदाताओं के बीच की गयी, इसमें गलती होने प्रतिशत मात्र 2.7 है।

अठारह जून की रात को ईरान और अमेरिका ने एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये, जिसका उद्देश्य 28 फरवरी से चल रहे सैन्य टकराव को खत्म करना है। इस एमओयू में एक समय-सीमा भी तय की गयी है कि अमेरिका कब नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और ईरान कब होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करेगा। इसके अलावा, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा एक अलग समझौते द्वारा सुलझाया जाएगा। सभी पक्ष इस मामले पर 60 दिनों के भीतर बातचीत करने पर सहमत हुए हैं। तेहरान को उम्मीद है कि इससे ईरान पर लगे प्रतिबंध हट जाएंगे।


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