-अंबिकापुर में आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे की मौत
रायपुर । प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज (मंगलवार) भी मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का 'अलर्टÓ जारी किया है। इस बीच, लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से जान-माल के नुकसान और प्राकृतिक बदलावों की खबरें आ रही हैं।
खेत में समा गया 25 साल पुराना बोर, ग्रामीणों में दहशत
बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम भानपुरी में कुदरत का एक हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। यहां 24 घंटे की अनवरत बारिश के बाद किसान खेलन साहू के खेत की जमीन अचानक 20 फीट चौड़ी और 30 फीट गहरी धंस गई। एक दिन पहले ही इस खेत में मताई का काम हुआ था। जमीन धंसने की वजह से खेत में मौजूद 25 साल पुराने बंद पड़े बोर का केसिंग पाइप भी पाताल में समा गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और सुरक्षा के लिहाज से इलाके की घेराबंदी कर दी है। कृषि अधिकारी और पटवारी ने नुकसान का पंचनामा तैयार किया है, लेकिन इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत है।
वज्रपात की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत, दो झुलसे
सरगुजा संभाग में बारिश के साथ आकाशीय बिजली का कहर टूटा है। अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम करम्हा में मवेशी चराने गए 65 वर्षीय बुजुर्ग जयनाथ राम की बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम गोविंदपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक सूरज यादव और 48 वर्षीय रामबिलास यादव बुरी तरह झुलस गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
कल से कम होगी बारिश की रफ्तार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर एक 'लो प्रेशर सिस्टमÓ (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है, जिसके उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढऩे के कारण तेज बारिश हो रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बुधवार 8 जुलाई से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।
मानसून राउंड-अप: नदी-नाले उफान पर, कोहरे में लिपटे पहाड़
झरने और नाले लबालब: सरगुजा का लोसंगा नाला उफान पर है, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ के गोमर्डा अभ्यारण्य में स्थित प्रसिद्ध 'माड़ोसिल्ली झरनाÓ पूरी तरह लबालब भर गया है।
जशपुर में शिमला जैसा नजारा: लगातार बारिश के बाद जशपुर की पहाडिय़ां और घने जंगल कोहरे की सफेद चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं।
कोटे से 18' कम बारिश: राज्य में 1 जून से 6 जुलाई तक 213 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य औसत (258.3 मिमी) से 18त्न कम है। हालांकि, इसे अभी 'सामान्य श्रेणीÓ में ही माना जा रहा है।
रायपुर का मिजाज: राजधानी में आज दिनभर बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है। अधिकतम तापमान 28एष्ट और न्यूनतम 24एष्ट रहने का अनुमान है।
