ईरान के 'पीस प्लान' में बड़ी गड़बड़! फ़ारसी और इंग्लिश ड्राफ़्ट में अंतर पाया गया; यूरेनियम की स्थिति को लेकर कन्फ्य़ूजऩ बढ़ा




नई दिल्ली। हालांकि यूएस और ईरान के बीच 14 दिन का 'सीजफायर शुरू हो गया है, लेकिन ईरान के 10-पॉइंट वाले शांति प्रस्ताव को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रस्ताव के फारसी और इंग्लिश ट्रांसलेशन में काफी अंतर पाया गया है, जिससे बातचीत में रुकावट आने की संभावना है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, ईरान ने अपने घरेलू इस्तेमाल के लिए जो फारसी ड्राफ्ट जारी किया है, उसमें यूरेनियम एनरिचमेंट स्वीकार करने की शर्त शामिल है। हालांकि, यह शर्त इंटरनेशनल कम्युनिटी और जर्नलिस्ट्स को दिए गए इंग्लिश ड्राफ्ट से 'गायब' है। यह अभी साफ नहीं है कि यह अंतर टेक्निकल गलती की वजह से है या ईरान की दोहरी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है।


शर्त ट्रंप की बात से मेल नहीं खाती

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करने की बात कही है। अगर ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट की शर्त पर कायम रहता है, तो ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के इस प्रपोज़ल को मानने की उम्मीद कम है। एक्सपट्र्स के मुताबिक, ईरान शायद अपने लोगों को यह दिखाने के लिए फारसी ड्राफ्ट में ऐसी शर्तें शामिल कर रहा है कि 'हमने अपने न्यूक्लियर अधिकार नहीं छोड़े हैं।


सीजफ़ायर और अगले कदम

ईरान ने दो हफ़्ते के सीजफ़ायर को मानते हुए 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को जहाज़ों के आने-जाने के लिए खोलने का वादा किया है। इस बीच, ईरान के 10-पॉइंट प्रपोज़ल पर वॉशिंगटन ने अभी तक कोई ऑफिशियल मुहर नहीं लगाई है। ट्रंप ने इसे सिफऱ्  चर्चा का आधार कहा है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग में ट्रांसलेशन में इस अंतर पर भी सफाई मांगी जा सकती है।

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