-शिवालिक, नंदादेवी और जग लड़की उन 22 जहाजों में शामिल
-होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण पश्चिमी क्षेत्र में फंसे हुए थे
नई दिल्ली। शिवालिक, नंदा देवी के बाद अब 'जग लड़की' जहाज भी भारतीय तट पर पहुंच गया है। खतरनाक होर्मुज जलडमरूमध्य से यात्रा करते हुए यह जहाज कच्चा तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है। आज सुबह 10.30 बजे जग लड़की जहाज मुंद्रा पोर्ट के बाहरी समुद्री क्षेत्र एसपीएम पर पहुंचा। यह समुद्र की गहराई वाली जगह है और वहां से बड़े जहाजों द्वारा तेल निकाला जाता है। टैंकर के अपनी तय जगह पर पहुंचने के बाद यहां तैनात टेक्निकल टीमों ने इसकी सेफ्टी जांच पूरी की। इसके बाद नियमों के अनुसार समुद्र में ट्रांसफर किया गया।
भारत सरकार के शिपिंग मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारतीय तिरंगा झंडा लहराता हुआ जग लड़की जहाज 14 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से निकला था। इस जहाज से करीब 81 हजार बैरल कच्चा तेल भारत लाया गया। इससे पहले, भारतीय झंडे वाले एलपीजी जहाज शिवालिक और नंदा देवी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंच चुके हैं। शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था। नंदा देवी 17 मार्च को कांडला पोर्ट पर पहुंची थी। इन दोनों जहाजों के ज़रिए करीब 92,712 टन एलपीजी भारत पहुंच चुकी है।
शिवालिक, नंदा देवी और जग लड़की उन 22 जहाजों में शामिल हैं जो युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे। अमेरिका और इजऱाइल ने ईरान पर हमला किया था। इसके बाद मिडिल ईस्ट में तनाव पैदा हो गया था। इस हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक रोक दिया था। इस वजह से तेल ले जाने वाले कई जहाज फंस गए थे। इस वजह से कई देशों में तेल और फ्यूल की कमी हो गई थी। ट्रंप ने कई देशों को भरोसा दिलाया था कि वह उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकाल लेंगे, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए। दूसरी ओर, ईरान के साथ अच्छे रिश्तों का फायदा भारत को मिला। इस समुद्री रास्ते से कई भारतीय जहाज़ सुरक्षित भारत लौट आए हैं।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में कुल 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़ फंसे हुए हैं, जिनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलपीजी टैंकर, 4 कच्चे तेल के टैंकर और केमिकल कंटेनर जहाज़ शामिल हैं। इनमें से एक बड़ा एलपीजी जहाज़ करीब 45,000 मीट्रिक टन गैस ले जा सकता है। इसलिए, 6 जहाजों की कुल क्षमता करीब 3 लाख मीट्रिक टन एलपीजी है। दो भारतीय एलपीजी टैंकर 'शिवालिक' और 'नंदादेवी' सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके भारत पहुंच गए हैं। उसके बाद, एक तीसरा जहाज़, जग लड़की, भी भारत में आ गया है।
