होर्मुज की खाड़ी में फंसे भारतीय कैप्टन राकेश रंजन की मौत



-18 दिनों तक 'अवाना' जहाज पर फंसे रहे

नई दिल्ली। ईरान-इजऱाइल-यूएस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ता दिख रहा है। कैप्टन राकेश रंजन सिंह, जो 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे थे, का निधन हो गया है। उनका परिवार रांची के अरगोड़ा में वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है। वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ के रहने वाले हैं।


कैप्टन राकेश रंजन सिंह की मौत की खबर ने उनके पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है। पूरे इलाके में दुख है। अगर उन्हें समय पर मेडिकल मदद मिल जाती, तो उनकी जान बच सकती थी, लेकिन युद्ध जैसे हालात होने की वजह से उन्हें इमरजेंसी हेल्थकेयर नहीं मिल सका।

परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, कैप्टन राकेश रंजन सिंह पिछले महीने 2 फरवरी को अपनी छुट्टी पूरी करके 'अवानाÓ जहाज़ में शामिल हुए थे। जहाज़ तेल लेने के लिए होर्मुज स्ट्रेट गया था। तेल भरने के बाद जहाज़ 1 मार्च को भारत के लिए निकला था, लेकिन युद्ध के असर की वजह से यह दुबई से करीब 60 किलोमीटर दूर समुद्र में लंगर डाले हुए था।


ÓअवानाÓ जहाज़ पर 35 कर्मचारी फंसे

ÓअवानाÓ जहाज़ पर कैप्टन सिंह समेत करीब 35 कर्मचारी थे। वे पिछले 18 दिनों से समुद्र में फंसे हुए थे। इस दौरान कर्मचारियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें रेगुलर मेडिकल केयर नहीं मिल पाई।


मिली जानकारी के मुताबिक, कैप्टन सिंह की तबीयत 18 मार्च को अचानक बिगड़ गई। शिप के अधिकारियों ने तुरंत दुबई एटीसी से संपर्क किया और एयर एम्बुलेंस की रिक्वेस्ट की, लेकिन युद्ध जैसे हालात होने की वजह से इजाज़त नहीं मिली। फिर उन्हें बोट से दुबई किनारे लाया गया, लेकिन इस प्रोसेस में काफी समय लग गया। समय पर इलाज न मिलने की वजह से उनकी हालत और बिगड़ती गई। आखिर में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।

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