गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की रासुका हिरासत रद्द की


 केंद्र ने लद्दाख में शांति और बातचीत पर दिया जोर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि यह निर्णय लद्दाख में शांति, स्थिरता और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। गौरतलब है कि श्री वांगचुक को पिछले साल 24 सितंबर को लेह में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने के बाद 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था। श्री वांगचुक उक्त अधिनियम के अंतर्गत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके हैं।

रासुका अधिनियम की धारा के तहत किसी व्यक्ति को हिरासत में रखने की अधिकतम अवधि 12 महीने हो सकती है। सरकार यदि चाहे, तो इस अवधि के समाप्त होने से पहले किसी भी समय व्यक्ति को रिहा कर सकती है। गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, सरकार लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं को दूर करने के लिए विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को 'उच्च अधिकार प्राप्त समितिÓ और अन्य उचित मंचों के माध्यम से रचनात्मक चर्चा द्वारा हल किया जाएगा। सरकार ने लद्दाख की सुरक्षा और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

Recent in Sports