कल बैंकों पर भारी असर! लेबर कोड के खिलाफ कर्मचारी आक्रामक; भारत बंद का आह्वान



-12 फरवरी को पूरे देश में बैंक हड़ताल पब्लिक सेक्टर बैंकों पर भारी असर 


नई दिल्ली। देश के अलग-अलग बैंक कर्मचारी संगठनों ने कल, गुरुवार, 12 फरवरी, 2026 को पूरे देश में हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए 'लेबर कोडÓ का विरोध करने और 'पांच-दिन का वर्क वीकÓ की मुख्य मांगों के लिए बुलाई गई है। यह हड़ताल सिफऱ् बैंकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के बुलाए गए 'भारत बंद' का भी हिस्सा है। इससे पब्लिक सेक्टर बैंकों के कामकाज पर बड़ा असर पडऩे की संभावना है।

बैंकिंग सर्विस पर हड़ताल का असर

'ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन', एआईबीओए और बीईएफआईओ जैसी बड़ी यूनियनों के हड़ताल में शामिल होने के साथ, बैंक ऑफ़ बड़ौदा बैंक ने बीएसई फाइलिंग में कहा है कि हड़ताल से उसकी ब्रांचों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। एसबीआई ने भी कस्टमर्स को चेतावनी दी है कि बैंकिंग सर्विस पर कुछ हद तक असर पड़ सकता है। आईडीबीआई बैंक को भी एम्प्लॉई यूनियनों से हड़ताल का नोटिस मिला है।

हड़ताल के मुख्य कारण क्या हैं?

  • ट्रेड यूनियनों का मुख्य विरोध सरकार के नए 4 लेबर कोड को लेकर है।
  • कानून में बदलाव: ये नए कोड 29 पुराने लेबर कानूनों की जगह लेंगे।

सख्त शतेंर्: यूनियनों ने आरोप लगाया है कि यूनियनों के रजिस्ट्रेशन के लिए सख्त शर्तें लगाई गई हैं। वर्क-लाइफ बैलेंस: बैंक कर्मचारी लंबे समय से '5-डे वर्क वीक' की मांग कर रहे हैं।

आरबीआई की तरफ  से कोई ऑफिशियल छुट्टी नहीं!

न तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और न ही किसी बैंक ने 12 फरवरी को ऑफिशियल छुट्टी घोषित की है। बैंक टेक्निकली खुले रहेंगे, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से काउंटर ऑपरेशन, चेक क्लियरिंग और लोन प्रोसेसिंग जैसी सर्विसेज़ में रुकावट आएगी। प्राइवेट बैंकों में हड़ताल का असर कम रहने की संभावना है।


कस्टमर क्या करें?


डिजिटल सर्विसेज़ फिर से शुरू: नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप, यूपीआई और एटीएम सर्विसेज़ जारी रहेंगी, क्योंकि ये सर्विसेज़ ऑटोमेटेड हैं।

बड़े ट्रांज़ैक्शन से बचें: अगर आपको डिमांड ड्राफ्ट या बड़ी रकम निकालनी है, तो आपको हड़ताल खत्म होने का इंतज़ार करना होगा।

ब्रांच से संपर्क करें: घर से निकलने से पहले यह पक्का कर लें कि आपकी ब्रांच खुली है या नहीं।

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