आप ने भारत को बेच दिया, अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बात करते हुए पार्लियामेंट में गुस्साए राहुल गांधी...



नई दिल्ली। लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को सदन में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने पार्लियामेंट में यह सनसनीखेज आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया कि मोदी सरकार अमेरिका के दबाव में आकर देश के डेटा और आत्म-सम्मान को गिरवी रख दिया है। इस मौके पर उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा जिस डेटा के दम पर भारत 21वीं सदी में सुपरपावर बन सकता था, उसे मोदी सरकार ने विदेशियों को सौंप दिया है, जिससे सत्ताधारी पार्टी कोई जवाब नहीं दे पाई।


इंडियन डेटा 21वीं सदी की ताकत है !

राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में डिजिटल इकॉनमी पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, आज अमेरिका और चीन के बीच कॉम्पिटिशन में सबसे कीमती चीज़ इंडियन डेटा है। अगर अमेरिका को अपना डॉलर का दबदबा बनाए रखना है, तो उसे इंडियन डेटा चाहिए। लेकिन, मोदी सरकार ने इस ट्रेड डील में अपने डेटा पर कंट्रोल छोड़ दिया है। सरकार ने अमेरिका में फ्री डेटा फ्लो और डिजिटल टैक्स को लिमिट करके देश को नुकसान पहुंचाया है।


हम ट्रंप के नौकर नहीं हैं! - राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में डोनाल्ड ट्रंप को सीधा मैसेज दिया। राहुल गांधी ने कहा, अगर इंडिया अलायंस ने प्रेसिडेंट ट्रंप से बात की होती, तो हम साफ कर देते कि हम आपके दोस्त हैं, लेकिन नौकर नहीं। हम उनसे बराबरी पर बात करते। अगर ट्रंप को इंडियन डेटा का एक्सेस चाहिए, तो उन्हें हमारे साथ इज्ज़त से पेश आना चाहिए।


किसानों और एनर्जी सिक्योरिटी पर सरकार की आलोचना

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की पॉलिसी की आलोचना करते हुए तीन ज़रूरी बातें उठाईं। उन्होंने कहा कि हमारी एनर्जी सिक्योरिटी सबसे ज़रूरी है और हम इसे किसी भी कीमत पर बचाएंगे। ट्रंप अपने किसानों के हितों का ध्यान रखना चाहते हैं, लेकिन हमें लगता है कि हमारे किसानों की रक्षा करना ज़रूरी है। अमेरिका को भारत की तुलना पाकिस्तान से नहीं करनी चाहिए। अगर ट्रंप पाकिस्तानी आर्मी चीफ के साथ नाश्ता कर रहे हैं, तो भारत को इस पर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए।


राहुल गांधी के सरकार पर 5 बड़े आरोप क्या हैं?


1. भारत ने डिजिटल ट्रेड नियमों पर कंट्रोल छोड़ दिया है।

2. 'डेटा लोकलाइज़ेशनÓ की शर्त में ढील दी गई।

3. यूएस को फ्री डेटा फ्लो की इजाज़त दी गई।

4. डिजिटल टैक्स पर लिमिट लगाई गई।

5. बड़ी कंपनियों को 20 साल की टैक्स हॉलिडे देकर देश को नुकसान पहुंचाया गया।

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