दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी बना ऐतिहासिक और अविस्मरणीय



  •  ’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम -  अरुण साव
  • विदाई समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, भव्य एवं वृहद आयोजन की सराहना की


रायपुर ।  भारत स्काउट गाइड द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में 9 जनवरी से 13 जनवरी तक आयोजित देश का प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का विशाल एवं भव्य आयोजन विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर, स्काउट गाइडों के साथ-साथ जंबूरी में शामिल सभी लोगों के लिए ऐतिहासिक, अविस्मरणीय एवं यादगार बन गया। इस राष्ट्रीय जंबूरी का आयोजन धर्म, जाति, प्रांत, भाषा के भेद को मिटाकर समूचे भारत वर्ष को एकता के सूत्र में पिरोने के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इस भव्य एवं गरिमामय आयोजन का आज विदाई समारोह आयोजित किया गया। 


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव जम्बूरी के विदाई समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के.के. खण्डेलवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री के.पी. मिश्रा, महासचिव श्री जी.पी.आर. सिंधिया, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इन्द्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू एवं श्री वीरेन्द्र साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री सौरभ लुनिया, श्री अभिषेक शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा भारत स्काउट गाइड की निदेशक श्रीमती दर्शना पावस्कर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम भी विदाई समारोह में शामिल हुईं।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह जंबूरी स्थल आज छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के इतिहास में दर्ज हो गया है। यहां देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार  रोवर रेंजरों ने सहभागिता दर्ज कर भारत की एकता, विविधता और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह आयोजन बदलते भारत, विकसित भारत और युवा शक्ति के उदय का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ग्राम दुधली में जंबूरी का आयोजन युवा नेतृत्व निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। पाँच दिनों तक चले इस जंबूरी में युवाओं ने अनुशासन, सेवा, सहयोग, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के जो अनुभव प्राप्त किए हैं, वे उनके जीवन की अमूल्य पूंजी हैं। यहाँ से जो ऊर्जा, संस्कार और आत्मविश्वास लेकर युवा लौट रहे हैं, वही भविष्य में राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला बनेगा। यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का सशक्त मंच सिद्ध हुआ है। 

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