लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं! दिल्ली कोर्ट ने 'ज़मीन के बदले नौकरी' केस में आरोपों को कन्फर्म किया



-अब ट्रायल शुरू होगा 7 लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं! 

नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। रेलवे में कथित 'जमीन के बदले नौकरीÓ स्कैम में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव और दूसरे आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। इससे अब केस का सही ट्रायल शुरू हो जाएगा।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि यह स्कैम तब हुआ जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-ष्ठ पोस्ट पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की जमीनें लालू के परिवार के नाम पर बिना उनसे कोई पैसा लिए बहुत कम कीमत पर खरीदी गईं। कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्टÓ के तहत आरोप तय किए हैं। सबूतों की कमी के कारण कोर्ट ने इस केस में 52 आरोपियों को बरी करके उन्हें बड़ी राहत दी है।


दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर कड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने कहा, साफ  संकेत हैं कि लालू यादव और उनके परिवार ने इस मामले में सरकारी ताकत का इस्तेमाल करके एक बड़ी साजि़श रची है," और परिवार को राहत देने से साफ इनकार कर दिया। यह मामला सिर्फ एक टेक्निकल गलती नहीं है, यह एक 'सुनियोजित भ्रष्टाचारÓ है। कोर्ट ने कहा कि साजि़श एक जाल की तरह रची गई थी और पूरा परिवार इसमें शामिल था।


आगे क्या?

सज़ा पक्की होने के साथ, लालू परिवार को अब रेगुलर कोर्ट हियरिंग का सामना करना पड़ेगा। तेजस्वी यादव ने पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, यह दावा करते हुए कि ये आरोप राजनीतिक बदले की भावना से लगाए गए थे। हालांकि, अब जब निचली अदालत ने मामले को आगे बढ़ाने का आदेश दिया है, तो इसका असर बिहार की राजनीति पर भी पडऩे की संभावना है।

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