इंदौर। कुछ दिन पहले दावा किया गया था कि इंदौर में गंदे पानी की वजह से 13 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में लैब से रिपोर्ट आनी बाकी थी। ये रिपोर्ट अब आ गई हैं। लोगों का डर सच हो गया है। इंदौर में गंदे पानी की वजह से एक के बाद एक कई लोगों की मौत हो गई है। लोकल लोगों का दावा है कि इंदौर के भागीरथपुरा में डायरिया से 13 लोगों की मौत हो गई है। जबकि एडमिनिस्ट्रेशन ने सिफऱ् चार मौतों की पुष्टि की है। अभी, करीब 200 लोग हॉस्पिटल में भर्ती हैं। ज़हरीले पानी से करीब 1,400 लोग प्रभावित हुए हैं।
एक टेस्ट रिपोर्ट से पता चला है कि मध्य प्रदेश की फाइनेंशियल कैपिटल के इस इलाके में पिछले आठ सालों से जानलेवा पानी की सप्लाई हो रही है। इंदौर को पिछले आठ सालों से देश का सबसे साफ़ शहर घोषित किया गया है। इंदौर के चीफ़ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफि़सर (ष्टरू॥ह्र), डॉ. माधव प्रसाद हसनी ने गुरुवार को रिपोर्टर्स को बताया कि भागीरथपुरा इलाके में मेडिकल कॉलेज लैब की तैयार की गई रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि पाइपलाइन में लीक होने की वजह से पानी खराब हो गया था, जिससे डायरिया फैला है।
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने क्कञ्जढ्ढ को बताया कि दिसंबर से इंदौर में खराब पानी पीने से सात लोगों की मौत हो गई है। भार्गव ने कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट ने बीमारी से तीन मौतों की पुष्टि की है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती चार और लोगों की भी मौत हो गई है।
मौतों का कारण क्या है?
चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर माधव प्रसाद हसनी ने पहले ॥ञ्ज को बताया था कि मौतें डायरिया की वजह से हुईं। मरीज़ों ने गंदा पानी पीने के बाद उल्टी, डायरिया और डिहाइड्रेशन की शिकायत की। उन्होंने यह भी कहा कि टॉयलेट के नीचे मेन पानी की पाइपलाइन में लीक होने की वजह से पानी गंदा हो सकता है। भागीरथपुरा में, जहाँ टॉयलेट बनाया गया था, मेन पानी सप्लाई पाइपलाइन में लीक पाया गया। इससे पीने का पानी गंदा हो सकता है।
