-'अल-अक्सा फ्लड' मॉडल से कश्मीर में बड़े हमले की साजिश
नई दिल्ली । पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट और गुजरांवाला में हमास, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष नेताओं की गुप्त बैठकों ने भारतीय खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोट्र्स के मुताबिक, कश्मीर में 'अल-अक्सा फ्लड' जैसे हमलों की रणनीति पर चर्चा हुई है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बढ़ती आतंकी हलचल के बीच भारत ने सीमा और घाटी में सुरक्षा घेरा और सख्त कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के आतंकी गठजोड़ को बेनकाब करने की तैयारी शुरू हो गई है।
पीओके के रावलकोट में आतंकियों का महाजुटान
हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में एक बड़ा आतंकी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस बैठक का शीर्षक 'कश्मीर सॉलिडेरिटी एंड हमास ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लडÓ रखा गया था। इसमें हमास के वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. खालिद अल-कदुमी ने शिरकत की। हैरान करने वाली बात यह थी कि इस मंच पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर भी मौजूद थे। यह पहली बार है जब हमास के किसी बड़े नेता ने पीओके में इस तरह के भारत विरोधी मंच को साझा किया है।
हमास और लश्कर के बीच रणनीतिक साठगांठ
खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी वीडियो फुटेज में हमास के कमांडर नाजी जहीर और लश्कर के कमांडर राशिद अली संधू को एक ही मंच पर देखा गया है। यह बैठक लश्कर के राजनीतिक मुखौटे 'पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीगÓ के बैनर तले आयोजित की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास अब अपने आतंकी अनुभवों और तकनीकों को पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के साथ साझा कर रहा है, जिसका उद्देश्य भारत में फिदायीन हमलों को नया रूप देना है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जवाबी तैयारी
इस गंभीर सूचना के बाद, भारतीय गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों और कश्मीर घाटी में सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। खुफिया एजेंसियां अब पीओके में हो रही हर हलचल पर पैनी नजर रख रही हैं। सेना को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संभावित घुसपैठ या ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई को नाकाम किया जाए। भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान के इस 'आतंकी गठजोड़Ó का पर्दाफाश करने की तैयारी कर रहा है।
