गरियाबंद में बड़ा समर्पण: 8 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता




8-8 लाख के ईनामी दो बड़े माओवादी बलदेव और अंजू भी शामिल

गरियाबंद । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 8 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में दो कुख्यात डीवीसीएम बलदेव और अंजू भी नक्सली भी शामिल हैं। दोनों नक्सलियों के ऊपर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा बलों के अनुसार, इन नक्सलियों ने माओवादियों की भेदभाव पूर्ण नीति, उपेक्षा, माओवादियों के जीवन शैली और विचारधारा से क्षुब्ध होकर यह रास्ता चुना है। लगातार नक्सल विरोधी अभियान और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर रहे है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा, सहायता और मुख्यधारा से जुडऩे के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि

अधिकारियों ने बताया कि, इससे नक्सल संगठन की रीढ़ कमजोर होगी और क्षेत्र में शांति एवं विकास को बल मिलेगा। गरियाबंद में हुए इस सरेंडर को छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्यधारा में लौटने की अपील

इस दौरान बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि निरंतर आसूचना आधारित अभियानों और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस्तर क्षेत्र में माओवादी प्रभाव तेजी से समाप्त हो रहा है। उन्होंने शेष बचे माओवादी कैडरों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में बीजापुर जिले में 163 माओवादी मारे गए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक आठ माओवादी ढेर हो चुके हैं।

जवानों के घायल होने की भी सूचना

अभियान के दौरान दुर्गम परिस्थितियों में कार्य करते हुए कोबरा 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा भालू के हमले में तथा एसटीएफ के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम वनभैंसा के हमले में घायल हो गए। दोनों जवानों को सुरक्षित रूप से उपचार हेतु हायर सेंटर भेजा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

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