नई दिल्ली। ईशान किशन का बैटिंग फ़ॉर्म इस समय ज़बरदस्त है। इस खिलाड़ी ने विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में शानदार सेंचुरी बनाकर सभी फ़ैंस का दिल जीत लिया। उन्होंने सिफऱ् 34 बॉल में सेंचुरी बनाई। लेकिन हैरानी की बात है कि अगले ही मैच में उन्हें टीम से बाहर रखा गया। राजस्थान के खिलाफ मैच में झारखंड के कप्तान ईशान किशन को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया। उनकी जगह कुमार कुशाग्र को कप्तानी दी गई। अब सवाल यह है कि शतक बनाने के बाद भी ईशान किशन को अगले ही मैच से बाहर क्यों रखा गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि ईशान किशन को बीसीसीआई के आदेश पर बाहर रखा गया था।
ईशान के खेलने पर बैन लगाया!
ईशान किशन को झारखंड की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का कारण बीसीसीआई है। राजस्थान के खिलाफ दूसरे मैच में झारखंड को लीड करने वाले कुमार कुशाग्र ने कहा कि बीसीसीआई ने ईशान किशन को आराम दिया है। किशन टीम छोड़कर घर लौट आए हैं और 2 जनवरी को टीम से फिर जुड़ेंगे। किशन को एहतियात के तौर पर आराम दिया गया है। किशन को न्यूजीलैंड टी20 सीरीज और 2026 टी20 वल्र्ड कप के लिए चुना गया है और बीसीसीआई ने उन्हें चोट से बचने और खुद को फ्रेश रखने के लिए आराम करने को कहा है।
ईशान इस समय ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं
ईशान किशन ने हाल ही में झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में जीत दिलाई। उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 517 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 200 का था और उन्होंने दो सेंचुरी और दो हाफ़-सेंचुरी लगाईं। ईशान ने सबसे ज़्यादा 33 छक्के लगाए और फ़ाइनल मैच में सेंचुरी लगाकर अपनी टीम को पहली ट्रॉफ़ी जिताई। इसके बाद ईशान ने झारखंड के ख़िलाफ़ सिफऱ् 39 गेंदों में 125 रन बनाए, जिसमें 14 छक्के शामिल थे। ईशान का फ़ॉर्म उनके और टीम इंडिया के लिए ज़रूरी है, इसीलिए बीसीसीआई ने उन्हें आराम देने का फैसला किया।
