अफगानिस्तानी हमलावर गिरफ्तार; अफगान शरणार्थियों के आने पर रोक लगाई
वाशिंगटन । अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास नेशनल गाड्र्स के 2 जवानों को गोली मार दी गई। इस मामले में एक अफगान शरणार्थी को हिरासत में लिया गया है। एफबीआई अधिकारियों के मुताबिक, हमले में शामिल संदिग्ध की पहचान 29 साल के रहमानुल्लाह लाकनवाल के तौर पर हुई है। वह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था। उसने 2024 में शरणार्थी के दर्जे के लिए अप्लाई किया था और उसे अप्रैल 2025 में मंजूरी मिली थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे आतंकी घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी शामिल हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने अमेरिका में अफगान शरणार्थियों की तुरंत एंट्री रोकने का ऐलान किया है।
हमलावर ने महिला गार्ड के सिर में गोली मारी
यह हमला फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जहां लाकनवाल कुछ समय तक इंतजार करता रहा और फिर अचानक अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2:15 बजे के आसपास उसने गोलीबारी शुरू कर दी। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, उसने पहले एक महिला गार्ड को सीने में गोली मारी और फिर सिर में। इसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर फायर किया। उसी समय पास ही मौजूद तीसरे गार्ड ने लाकनवाल पर चार गोलियां चलाई, जिसके बाद हमलावर को काबू कर लिया गया। हमलावर को लगभग बिना कपड़ों के एम्बुलेंस में ले जाया गया।
ट्रम्प बोले- यह मानवता के खिलाफ अपराध
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट इस मामले को आतंकवादी हमले के तौर पर जांच रहा है। हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने पेंटागन को निर्देश दिया कि वॉशिंगटन डीसी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 एक्स्ट्रा नेशनल गाड्र्स भेजे जाएं। ट्रम्प ने कहा कि आरोपी इसकी भारी कीमत चुकाएगा। एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि एक गार्ड को सिर में गोली लगी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने संदिग्ध को जानवर कहा है। ट्रम्प ने ट्वीटर पर लिखा- हमारी महान नेशनल गार्ड और सुरक्षा बलों पर गर्व है। मैं और मेरी पूरी टीम उनके साथ है। यह पूरे राष्ट्र के खिलाफ अपराध है। यह मानवता के खिलाफ अपराध है।
