सोमवार, 17 अगस्त 2020

धोनी को मैदान से संन्यास लेना चाहिए था :इंजमाम


नई दिल्ली। भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी के स्वतंत्रता दिवस के दिन संन्यास लेने के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने धोनी की जमकर तारीफ की है लेकिन साथ ही कहा है कि उन्हें संन्यास घर से लेने के बजाय मैदान से लेना था। इंजमाम ने अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो 'मैच विनरÓ में कहा, "धोनी के दुनिया भर में लाखों प्रशंसक हैं जो उन्हें मैदान पर खेलते देखना चाहते हैं। इस स्तर के खिलाड़ी को घर बैठे ही संन्यास नहीं लेना चाहिए था। उन्हें मैदान (विदाई मैच खेलकर) से संन्यास का एलान करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, जिस मैदान और प्रशंसकों ने आपको इतना सब कुछ दिया, कम से कम आपको मैदान से विदाई लेनी चाहिए थी।" अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 20,000 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र पाकिस्तानी बल्लेबाज इंजमाम ने क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर से अपनी बातचीत को याद करते हुए कहा, "ऐसा ही कुछ मैंने एक बार सचिन तेंदुलकर को कहा था। जब आपके पास इतनी बड़ी संख्या में प्रशंसक हों, तो आपको आदर्श रूप से अपनी यात्रा को मैदान से समाप्त करना चाहिए। आखिरकार, यह मैदान ही है जहां आपने ऐसा सम्मान और स्टारडम हासिल किया है। मेरी समझ से धोनी को भी ऐसा ही करना चाहिए था, तब उनके प्रशंसक अधिक खुश होते, जिनमें मैं भी शामिल हूं, क्योंकि मैं भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ भारतीय कप्तान मानता हूं। वर्ष 2003 से 2007 तक पाकिस्तान के कप्तान रहे इंजमाम ने धोनी को सर्वश्रेष्ठ भारतीय कप्तान बताया। उन्होंने कहा, "धोनी एक चालाक क्रिकेटर हैं और खिलाडिय़ों का निर्माण कैसे किया जाता है इसको बखूबी जानते हैं। सुरेश रैना और रविचंद्रन अश्विन दो बेहतरीन खिलाड़ी हैं, जिन्हें धोनी ने तराशा है। खेल के बारे में उनकी समझ लाजवाब है और वह खिलाडिय़ों को चुनते थे फिर उन्हें बेहतर बनाने में अपना पूरा जोर लगाते थे।
इंजमाम ने धोनी की मैच फिनिशिंग क्षमता की तारीफ करते हुए कहा, धोनी ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच खत्म करना जानते थे। वह हर मैच में शतक लगाने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपनी हर पारी इस तरह खेली कि टीम को जीत मिले।

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