सोमवार, 20 जुलाई 2020

बहुउद्देशीय और सभी के लिए लाभकारी है गोधन न्याय योजना : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल


 : बैहार गौठान में मुख्यमंत्री ने गोबर खरीदकर योजना का किया शुभारंभ
रोका-छेका अभियान रहा सार्थक, एक पखवाड़े पहले हो गयी फसलों की बुआई






रायपुर। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के बैहार गौठान में गोबर की खरीदी कर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने हरेली पर्व और गोधन न्याय योजना के लिए सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। शुभारंभ कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बाद सरकार ने किसानों और ग्रामीणों के बेहतरी के लिए गोधन न्याय योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार देश-दुनिया की पहली सरकार है, जिसने शासकीय दर पर गोबर की खरीदी शुरू की है। यह योजना बहुउद्देशीय और सभी लोगों के लिए लाभकारी है। गोबर की खरीदी से पशुधन के सरंक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। खेतांे में पैरा जलाने पर रोक लगेगी। पर्यावरण प्रदूषण रूकेगा। वर्मी कम्पोस्ट खाद के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिलने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। खुले में चराई की प्रथा पर रोक लगेगी, जिससे फसलों की सुरक्षा होगी। जैविक खाद के उपयोग से विष रहित अनाज उत्पादन और खेती की लागत में कमी आएगी।






मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कई समस्याएं हैं, लेकिन उनका ये मानना है कि खुले में पशुओं की चराई एक बड़ी समस्या है। इसके निदान के लिए गांवों में गौठान निर्माण (गरूवा) योजना की रूपरेखा सरकार ने तैयार की। इसके साथ ही नरवा, घुरूवा और बाड़ी को इसमें शामिल किया गया है। आज नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी छत्तीसगढ़ राज्य की चार चिन्हारी बन गए हैं, जिनके संवर्धन का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ग्रामीण और किसान जिनके पास चार-पांच मवेशी हैं, उन्हें गोधन न्याय योजना के माध्यम से हर महीने चार-पांच हजार रूपए तक की अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने लोगों से पशुधन केे चारे के प्रबंध के लिए गांव के गौठानों को पैरादान करने की भी अपील की। मुख्यमंत्री ने गौठानों में हरे चारे की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया।



मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में रोका-छेका अभियान का बड़ा ही सार्थक परिणाम सामने आया है। इस साल खरीफ फसलों की बुआई का काम एक पखवाड़े पहले ही पूरा हो गया है। धान की फसल जल्दी तैयार होगी। इसके बाद किसान उतेरा, उन्हारी की फसल ले सकेंगे। रोका-छेका के परिणाम स्वरूप राज्य में द्विफसली खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों के घरों में समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में गोबर की खरीदी दो रूपए किलो में की जाएगी। इससे गौठानों में स्व-सहायता के माध्यमों से वर्मी कम्पोस्ट खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय 8 रूपए प्रतिकिलो की दर से किया जाएगा।
कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस दिन धरती माता, खेती-किसानी के औजारों और गोमाता की पूजा की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच और उनके कार्यो की उन्होंने सराहना की और कहा कि बीते डेढ़ सालों में छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहार, परम्परा, कला और संस्कृति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने वादे को निभाया है। धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी, किसानों की कर्जमाफी के वादे को उन्होंने विपरित परिस्थितियों में भी बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को धान खरीदी, कर्जमाफी तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से लगभग 55 हजार करोड़ रूपए की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की है। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए इससे एथेलॉन बनाने की अनुमति केन्द्र सरकार से मांगी गयी है। इससे राज्य में उत्पादित होने वाले धान की शत-प्रतिशत मात्रा का उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।





नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण को लेकर जो सपना डॉ. खूबचंद बघेल, स्वर्गीय मिनीमाता, ठाकुर प्यारेलाल, वरिष्ठ छेदीलाल, पंडित सुन्दरलाल शर्मा और हमारे पुरखों ने देखा था, उसे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पूरा कर रहे हैं। डॉ. डहरिया ने प्रदेश सरकार की जन हितैषी नीतियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान एक्सप्रेस चल रही है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना की आज से शुरूआत हो रही है। इस योजना के चर्चा देश-विदेश और यूर्नाइटेड नेशन में हो रही है। डॉ. डहरिया के इस उदबोधन पर लोगों ने ताली बजाकर गोधन न्याय योजना का समर्थन किया।
गोधन न्याय योजना के शुभारंभ कार्यक्रम मे बैहार पहुंचने पर ग्रामीण और किसानों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और अन्य अतिथियों का परम्परागत रूप से जोरदार स्वागत किया। यहां मुख्यमंत्री बैलागाड़ी में सवार होकर गौठान स्थित गौशाला पहुंचे और विधि-विधान से गौमाता और कृषि औजार की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने अपने हाथों से गौमाता को आटे और खमार पत्ते की लोंदी, हरा चारा खिलाया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल बैहार गौठान में ग्रामीणों के साथ हरेली त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री यहां गेड़ी चढ़े, भौरा-बाटी, गिल्ली-डंडा और पिट्ठुल खेले। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और अतिथियों को खुमरी पहनाकर, नांगर और गमछा भेंटकर स्वागत सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौठान बाजार और ग्राम बैहार के महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद का अवलोकन किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरिश देवांगन, खाद एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र तिवारी, राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री खिलेश देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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