शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

मछली पालन ने समूह की महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर


रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण, संसाधन देने के अलावा आवश्यक ऋण भी उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि आज इनसे जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से सबल बन रही है। जशपुर जिले के ग्राम सिंटोगा की प्रेरणा स्व सहायता समूह की 11 महिलाओं द्वारा वर्ष 2018-19 में मनी तालाब जलक्षेत्र के 1.902 हे. को 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर मछली पालन का कार्य शुरू किया गया। मछली पालन से उन्हें 1 लाख 40 हजार रुपए का लाभ हुआ है। मछली पालन के रूप में अतिरिक्त कमाई का साधन उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा उनको प्रोत्साहित किया जा रहा है।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती समिता खाखा ने बताया कि समूह के सभी सदस्य अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती है और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनको आत्म निर्भर बनाने के लिए समूह में जोड़ा गया है और मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में समूह के सभी सदस्यों को विभागीय योजनांतर्गत 10 दिवसीय एवं 3 दिवसीय मछुआ प्रशिक्षण देकर समूह को जाल, आईस बॉक्स एवं सिफेक्स प्रदाय किया गया।

प्रेरणा स्व-सहायता समूह को मत्स्य विभाग जशपुर के द्वारा जिला खनिज न्यास निधि से अभिसरण के तहत उन्नत किस्म के मत्स्य बीज प्रदाय किया गया। इस समूह से जुड़ी समस्त महिलाओं ने छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि मत्स्य पालन आय का एक उत्तम साधन है।

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