सोमवार, 13 अप्रैल 2020

सुरक्षा मानकों का पालन कर किसान कर रहे रबि फसल की कटाई


108 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ग्रामवार अपनी निगरानी में करा रहे सुरक्षित फसलों की कटाई

सूरजपुर। जिले में रबिफसलो में शामिल अलग-अलग उपजों की कटाई अवधि में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव व सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कृषकगण फसल कटाई का कार्य कर रहे हैं। इसके लिए कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देश पर कृषि विभाग के करीब 108 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी फसल बोनी अनुसार अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्यालय में रहकर निगरानी रखने के साथ साथ स्वफूर्त रूप से हाथ धुलाई के लिए साबुन, सोशल डिस्टेंस का पालन, अधिकाशत: उपयोग में होने वाली हस्तचलित कटाई उपकरणों को उपयोग के दौरान कम से कम तीन बार साबुन पानी से धुलाई सहित अन्य निर्देशों का पालन नियमित रूप से कर रहे हैं। इससे जहां किसानों के समक्ष समयावधि में फसल कटाई के साथ सुरक्षित भंडारणसें आर्थिक क्षति प्रभाव से बचाने के साथ कोरोना वायरस संक्रमण सें बचाव के मानकों का उपयोग के प्रति कार्यों के दौरान करने से जागरूकता अभियान के उद्देश्य को सार्थक कर रहे हंै।
उक्त संबंध में आपको बताते चलें कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण के वजह से लागू लाकडाउन व धारा 144 के अवधि में सुरक्षा मानकों के पालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को कृषकों को मानकों के पालन के प्रति जागरूताकार्यावधी में करने के साथ सुरक्षित फसल कटाई संबधित आवश्यक छूट शासन से प्राप्त दिशा निर्देश अनुसार दिया गया है। रबि की फसल बोआई में मुख्य रूप से जिले में करीब 5100 हेक्टेयर रकबे में गेहूं, चना, मटर, मक्का, तिलहन सहित अन्य फसलों की बुआई की गयी है। उपसंचालक कृषि विभाग श्री कोसले से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्तमान अवधि मेंरबिफसलों में कटाई अलसी की करीब 2670 हे., मटर की 2560 हे., सरसों (तिलहन) की फसल 10259 हे., मसूर 1062 हे., में कटाई पूर्ण हो चुकी है। वहीं गेहूं की करीब 11225 हे., चना की करीब 3350 हे.,गन्ना की करीब 5000 हे. में कटाई का कार्य चल रहा है। इस दौरान कोविड-19 के सक्रंमण व प्रभाव से सुरक्षा हेतु निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए ग्रामवार करीब 108 आरईओ की ड्यूटी लगाई गयी है।  इनके द्वारा जिले के कलेक्टर श्री सोनी के निर्देष का परिपालन करते  हुए स्वफूर्त रूप से  अपने-अपने कार्य क्षेत्रों मेेंमानको के पालन के साथ-साथ किसानों को कृषि कार्य करने व फसलों की कटाई करते समय ,सोषल डिस्टेंसिंग का पालन, हैंडवॉस, मास्क, गमछा, रोज धुले व साफ कपडे पहनने की समझाईस,सुरक्षा सामग्रियों की उपलब्धता करा कर  इनके उपयोग के संबंध में लगातार पालन कराने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी इसका पालन  के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे इस महामारी के संकट से बचा जा सके।
किसानों के फसल उत्पादन पर बीमा का आकलन कार्य प्रारंभ
कलेक्टर श्री दीपक सोनी के द्वारा प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल जी के प्राथमिकताओं में शामिल कृषक वर्ग का आर्थिक सषक्तिकरण के लिए फसलों के उत्पादन क्षमता में कमी आने पर उन्हें आर्थिक प्रभाव से बचाव के लिए फसल बीमा योजनान्तर्ग अनुमानित उत्पादन नहीं होने पर क्षतीपूर्तीराषि मुआवजा बतौर बीमाराषि के माध्मय से उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। रबि फसल कटाई प्रयोग अनुसार जिले में 338 ग्रामों में 1352 प्रयोग किया जा रहा है। गेहूं सिंचित 712, गेहूं असिंचित 20, चना 28, राई सरसों 480 एवं अलसी फसल में 112 प्रयोग होना निर्धारित किया गया है। इस पर कार्य में 50 प्रतिषत कृषि विभाग एवं 50 प्रतिषत राजस्व विभाग के सयुक्त टीम द्वारा इस कार्य को किया जा रहा है। इसके तहत एक ग्राम में चार प्रयोग फसलवार किया गया है उनका औसत उत्पादन के आधार पर स्टैण्डर्ड उत्पादन से आकलन किया जाता है। यदि औसत उत्पादन कम आता है तो कृषकों को बीमितबीमाराषि से क्षतिपूर्ती प्रदान किया जाएगा।
मक्का सहित अन्य फसल उत्पादन पर भी रखा जा रहा ध्यान -
इस रबि फसल वर्ष में मौसमी प्रभाव के अलावा अन्य प्रभाव से किसानों की तैयार हो रही फसल जिसमें मक्का का उत्पादन 1965 हे0 , जौ व बाजरा का उत्पादन 14 हे0, मूंग की फसल का उत्पादन 61 हे0, उडद का उत्पादन 51 हे0, और तिवडा का उत्पादन 852 हे0 पर किया जा रहा है। इन फसलों के उत्पादन पर किसी तरह से ज्यादा प्रभाव न पड़े इसके लिए कृषि विभाग की टीम किसानों के साथ खेतों का भम्रण कर आवष्यक परामर्ष के साथ जैविक पद्वति में उत्पादन प्रभावित होने पर जरूरत से संबंधित उर्वरकता क्षमता को प्रभावित कराने वाले कारकों को दूर करने के लिए उपयोगी सामग्रियों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। 

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