बुधवार, 22 अप्रैल 2020

पूर्णबंदी के बीच रिलायंस जियो में फेसबुक का 43754 करोड रुपये निवेश का ऐलान


मुंबई। विश्व की अग्रणी सोशल नेटवर्किंग कंपनी अमेरिका की फेसबुक ने भारतीय धनकुबेर मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो प्लेटफार्म में बुधवार को 43754 करोड़ रुपये (6.22 अरब डालर) का बड़ा निवेश कर 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से आज बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। विश्व की किसी दूरसंचार कंपनी में इतनी बडी रकम के निवेश से इतनी कम हिस्सेदारी खरीदने का यह सबसे बड़ा सौदा है।
फेसबुक ने अपनी वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो में 9.99 फीसदी हिस्सा 43, 574 करोड़ रुपये में खरीदा है। इस सौदे के साथ ही फेसबुक रिलायंस जियो की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई। जियो ने निवेश पर कहा, " फेसबुक और जियो का सौदा कई मायनों में अभूतपूर्व है और यह प्रौद्योगिकी कंपनी में इतनी कम हिस्सेदारी के लिये सबसे बड़ा निवेश है। भारत में किसी प्रौद्योगिकी कंपनी में यह अब तक के निवेश की सबसे अधिक राशि है। वैश्विक महामारी कोविड-19 की चुनौती से पार पाने के लिये पिछले एक माह से देश में जारी पूर्णबंदी के बीच देश में निवेश की यह खबर बडी राहत भरी है।
फ़ेसबुक के साथ साझेदारी श्री अंबानी ने कहा, "2016 में जब हमने जियो की शुरुआत की थी तो हमने एक सपना देखा था। ये सपना था भारत के "डिजिटल सर्वोदय" का। ये सपना था भारत में एक ऐसी समावेशी डिजिटल क्रांति का जिससे हर भारतीय की जि़ंदगी बेहतर हो सके। सपना, एक ऐसी क्रांति का जो उसे "डिजिटल दुनिया" के शिखर तक पहुँचा सके। इसलिए भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को विकसित करने और बदलने के लिए हम अपने दीर्घकालिक साझेदार के रूप में फेसबुक का स्वागत करते हैं। जियो और फेसबुक के बीच तालमेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा जियो और फ़ेसबुक की साझेदारी श्री मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन का सपना पूरा होने में मदद मिल सकती है,इसके दो लक्ष्य थे पहला भारत के हर नागरिक के लिए सुकून और खुशियों से भरी जि़ंदगी यानि "ईज़ ऑफ़ लिविंग." दूसरा, हर भारतीय के लिए व्यवसाय के अच्छे अवसर यानि "ईज़ ऑफ़ बिजऩेस." मुझे पूरा विश्वास है कि
कोरोना वायरस के बाद थोड़े ही समय में भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ेगी। ये पार्टनरशिप उस बदलाव को लाने में ख़ासी मदद कर सकती है। फेसबुक ने जियो में निवेश पर कहा, "यह भारत के प्रति फेसबुक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जियो भारत के दूरसंचार क्षेत्र में जो बड़ा बदलाव लाई उससे हम भी प्रोत्साहितहुए । चार साल से भी कम समय में जियो ने करीब 38 करोड़ 80 लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने में सफलता अर्जित की। यह नवाचार और नए उद्यम को बढ़ावा देकर लोगों को नए .नये तरीकों से अपने साथ जोड़ रहा है। इसलिए जियो के माध्यम से हम भारत में पहले से अधिक लोगों के साथ जुडऩे के लिए इस सौदे के माध्यम से और प्रतिबद्ध हुए हैं। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने इस सौदे पर कहा, "वर्तमान में विश्व में बहुत कुछ चल रहा है किंतु मैं भारत में अपने काम पर एक अपडेट साझा करना चाहता हूं कि जियो प्लेटफार्म के साथ फेसबुक मिलकर काम कर रहा है. हम एक वित्तीय निवेश कर रहे हैं और इससे भी अधिक हम कुछ अहम प्रोजेक्ट पर एक साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो पूरे भारत में लोगों को कारोबार के नए मौके मिलेंगे।
श्री मार्क जकरबर्ग ने आगे कहा, "मुकेश अंबानी और पूरी जियो टीम को मैं इस साझेदारी के लिए आभार व्यक्त करता हूं ,मैं इस सौदे को लेकर बहुत उत्साहित हूं। फेसबुक के इस निवेश से जियो प्लैटफ़ॉम्र्स का 70 रुपये प्रति डालर के आधार पर मूल्यांकन 4.62 लाख करोड़ रुपये आंका गया।
जियो प्लैटफॉम्र्स रिलायंस की पूर्ण स्वामित्व वाली नयी पीढी की कंपनी है जो देश को एक डिजिटल सोसायटी में जुटी है।इसके लिए जियो के प्रमुख डिजिटल एप, डिजिटल ईकोसिस्टम और देश. के नंबर एक हाइ-स्पीड कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म को एक-साथ लाने का काम कर रही है। सौदे के बाद भी रिलायंस जियो इंफ़ोकॉम लिमिटेड रिलायंस की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई बनी रहेगी। जियो ने कहा है की वह एक ऐसे "डिजिटल भारत" का निर्माण करना चाहती है जिसका फ़ायदा 130 करोड़ भारतीयों और व्यवसायों को मिले। एक ऐसा "डिजिटल भारत" जिससे ख़ास तौर पर देश के छोटे व्यापारियों, सूक्ष्म व्यवसायिओं और किसानों के हाथ मज़बूत हों। जियो ने देश में डिजिटल क्रांति लाने और राष्ट्र को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल ताकतों के बीच एहम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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