शनिवार, 4 जनवरी 2020

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श्रीनगर में सीआरपीएफ जवानों पर हमला, आतंकियों ने फेंके ग्रेनेड


श्रीनगर। सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमलाश्रीनगर में हुए हमले कोई हताहत नहीं। जम्मू-कश्मीर के पुराने श्रीनगर के कवदारा इलाके में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमला हुआ है. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर ग्रेनेड से हमला किया. हालांकि इस हमले में अभी तक किसी भी तरह के नुकसान और घायल होने की खबर नहीं है. जम्मू-कश्मीर में 1 जनवरी से इंटरनेट की सेवा बहाल किए जाने के कुछ ही दिन बाद सुरक्षा पर हमला और एक आतंकी को गिरफ्तार किए जाने की घटना तब सामने आई है.  बता दें कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध एक आतंकवादी को शनिवार सुबह श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया. हाजिन के वहाब पारे मोहल्ला का रहने वाला आतंकी निसार अहमद डार (23) पिछले कुछ सालों से सक्रिय था और सुरक्षा एजेंसियों की डायरी में आतंकवादियों की सूची में शामिल था. वह सुरक्षा बलों की वांछितों की सूची में था. वह 2016 में सात तथा 2019 में एक मामले समेत कोई आठ मामलों में संलिप्त था. उसे जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के अंतर्गत दो बार -2016 और 2017 में गिरफ्तार किया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, डार उत्तरी कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष आतंकवादी सलीम पारे का सहयोगी है और इससे पहले 12 नवंबर, 2019 को कुलन गांदरबल में एक मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था, जिसमें लश्कर का पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया था. डार सुरक्षा बलों के कुछ प्रतिस्ठानों पर हमले की साजिश रच रहा था. सुरक्षा बलों द्वारा शुक्रवार रात चलाए गए अभियान में वह गिरफ्तार कर लिया गया. एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा, "एक विश्वस्त सूचना मिली कि एक वांछित तथा खूंखार आतंकवादी श्रीनगर में कहीं छिपा है और सुरक्षा बल की कुछ इकाइयों पर हमले की योजना बना रहा है. श्रीनगर पुलिस ने स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ कल रात एक अभियान चलाया, जिसमें आतंकवादी को हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
श्रीनगर। सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमलाश्रीनगर में हुए हमले कोई हताहत नहीं। जम्मू-कश्मीर के पुराने श्रीनगर के कवदारा इलाके में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमला हुआ है. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर ग्रेनेड से हमला किया. हालांकि इस हमले में अभी तक किसी भी तरह के नुकसान और घायल होने की खबर नहीं है. जम्मू-कश्मीर में 1 जनवरी से इंटरनेट की सेवा बहाल किए जाने के कुछ ही दिन बाद सुरक्षा पर हमला और एक आतंकी को गिरफ्तार किए जाने की घटना तब सामने आई है.  बता दें कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध एक आतंकवादी को शनिवार सुबह श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया. हाजिन के वहाब पारे मोहल्ला का रहने वाला आतंकी निसार अहमद डार (23) पिछले कुछ सालों से सक्रिय था और सुरक्षा एजेंसियों की डायरी में आतंकवादियों की सूची में शामिल था. वह सुरक्षा बलों की वांछितों की सूची में था. वह 2016 में सात तथा 2019 में एक मामले समेत कोई आठ मामलों में संलिप्त था. उसे जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के अंतर्गत दो बार -2016 और 2017 में गिरफ्तार किया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, डार उत्तरी कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष आतंकवादी सलीम पारे का सहयोगी है और इससे पहले 12 नवंबर, 2019 को कुलन गांदरबल में एक मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था, जिसमें लश्कर का पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया था. डार सुरक्षा बलों के कुछ प्रतिस्ठानों पर हमले की साजिश रच रहा था. सुरक्षा बलों द्वारा शुक्रवार रात चलाए गए अभियान में वह गिरफ्तार कर लिया गया. एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा, "एक विश्वस्त सूचना मिली कि एक वांछित तथा खूंखार आतंकवादी श्रीनगर में कहीं छिपा है और सुरक्षा बल की कुछ इकाइयों पर हमले की योजना बना रहा है. श्रीनगर पुलिस ने स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ कल रात एक अभियान चलाया, जिसमें आतंकवादी को हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। 

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