गुरुवार, 5 दिसंबर 2019

,

कुपोषण दूर करने कृषि विज्ञान केन्द्र दे रहे है योगदान

 : कृषि विज्ञान केन्द्र में पोषण कार्यशाला संपन्न

रायपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर एवं जय हरितिमा महिला समिति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में न्यूट्री स्मार्ट कार्यक्रम अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय ''आहार में विविधता एवं पोषण जागरूकताÓÓ था। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यशाला में ग्राम परसदा, आरंग के स्व-सहायता समूहों की 20 महिलाओं एवं जय हरितिमा महिला समिति के लगभग 35 सदस्यों के बीच कुपोषण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कुलपति डॉ. पाटील ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री पोषण अभियान में कृषि विज्ञान केन्द्रों की भूमिका को अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र कुपोषण दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में श्रीमती सपना पाटिल, अध्यक्ष जय हरितिमा महिला समिति ने अपने संबोधन में कृषि को व्यवसाय तथा पोषण से जोडऩे पर बल देते हुए अधिक से अधिक महिलाओं में पोषण जागरूकता का विस्तार करने कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर से आग्रह किया। इस अवसर पर श्रीमती लिपी मुखर्जी ने ग्राम निस्दा आरंग से आये कृषक श्री ओम प्रकाश द्वारा किये जा रहे जैविक एवं परंपरागत ख्ेाती की सराहना करते हुए जैविक खाद्य पदार्थ को अपनाने हेतु सभी का आव्हान किया। कार्यशाला में डॉ. मीता मिश्रा, आहार विशेषज्ञ एवं डॉ. गौतम राय, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने सामान्य जनजीवन में आहार में घटती विविधता पर सबका ध्यान आकर्षित किया। उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिन्हांकित 7 आहार समूहों में से कम से कम 4 आहार समूह रोजना ग्रहण किया जाना आवश्यक है ये आहार समूह हैं- अनाज एवं कंदवर्गीय खाद्य, दाल समूह, अण्डा, दूध एवं दुग्ध पदार्थ, मछली एवं मांस, हरी पत्तेदार सब्जी एवं मौसमी फल। देश एवं विदेश में किये गए अनेक अध्ययनों से यह स्पष्ट है कि आहार में विविधता का न होना कुपोषण का एक महत्वपूर्ण कारक होता है।  कार्यशाला में ''रेडी टू ईटÓÓ के विभिन्न व्यंजनों के संबंध में जाकारी दी गई ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि इस संबंध में गांवों में भी निरंतर प्रशिक्षणों की व्यवस्था की जाये जिससे अन्य महिलाएं भी लाभांवित होंगी। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर द्वारा माह मई 2019 से अब तक विकसित और प्रसारित तकनीकों द्वारा जिला रायपुर के विभिन्न बिहान महिला स्वसहायता समूहों एवं प्रगतिशील कृषकों द्वारा निर्मित विभिन्न पोषण उत्पाद से संबंधित जागरूकता एवं रेसिपी डिमॉन्सट्रेशन किया गया। साथ ही प्रतिभागियों हेतु दोपहर भोजन में केवल इन्हीं उत्पादों का उपयोग किया जाएगा। इन उत्पादों में मुनगा पत्ती पावडर, मशरूम पावडर, मीठा नीम पत्ती पावडर, अल्सी रोस्टेड, मल्टीग्रेन आटा कॉन्सेंट्रेट, ग्रीन राईस, ब्लैक राईस, देवभोग चावल एवं अलसी मुखवास प्रमुख है। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.सी. मुखर्जी, संचालक अनुसंधान डॉ. आर.के. बाजपेयी, डॉ. नीता खरे, डॉ. ज्योति भट्ट, डॉ. दीप्ति झा, डॉ. स्वाति बिसेन, श्री मनोज साहू, डॉ. सौगात ससमल, श्रीमती सोनाली राजपूत सहित अन्य वैज्ञानिक उपस्थित थें।  

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें

Top Ad 728x90