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Monday, 9 September 2019

सब मिलकर गढ़वो नवा छत्तीसगढ़ : भूपेश बघेल


  •  मुख्यमंत्री शामिल हुए साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह में

रायपुर । मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल कहा है कि नवा छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में सभी समाजों की सक्रिय भागीदारी और भूमिका आवश्यक है। हम सब मिलकर राज्य को समृद्ध और खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री आज रायपुर के  टीकरापारा स्थित साहू सदन में आयोजित साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में सुराजी गांव योजना में गांवों में गौठानों के विकास, कुपोषण के खिलाफ लड़ाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी लोगों से सक्रिय योगदान का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि साहू समाज का भी प्रदेश स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक मजबूत संगठन है। इन महत्वपूर्ण योजनाओं को सफल बनाने में साहू समाज अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने समारोह में साहू समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष  अर्जुन हिरवानी, उपाध्यक्ष  तुलसी साहू और श्रीमती सरिता साहू सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलायी। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।  समारोह की अध्यक्षता गृह एवं लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने की। विधायक  धनेन्द्र साहू, श्रीमती छन्नी साहू, पूर्व मंत्री  कृृपाराम साहू, पूर्व सांसद  चन्दूलाल साहू विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हर प्रदेश की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान होती है। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान को सरंक्षित रखते हुए प्रदेश के विकास की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। संशोधन विधेयक के माध्यम से राजिम कुंभ का नामकरण राजिम पुन्नी मेला किया गया। हरेली, तीजा, कर्मा जयंती और विश्व आदिवासी दिवस पर सामान्य अवकाश की घोषणा की गई। आज विभिन्न समारोहों में काजू किशमिश की जगह ठेठरी, खुरमी जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजन सजते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। अनुसूचित जाति को 12 से बढ़ाकर 13 प्रतिशत आरक्षण और अनुसूचित जनजातियों को 32 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार के निर्णयों से प्रदेश में उत्साह का वातावरण है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में सबसे बढ़ी चुनौती कुपोषण की है। प्रदेश में 40 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं। इनमें से 18 प्रतिशत झोपड़ी में निवास करते हैं। प्रदेश में 37.5 प्रतिशत बच्चें कुपोषण ग्रस्त हैं, वहीं 41.5 प्रतिशत किशोरी और महिलाएं एनीमिया और कुपोषण से पीडि़त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमसब को मिलकर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लडऩी होगी तभी छत्तीसगढ़ सरकार एक मजबूत राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि समाज और प्रदेश के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मवेशी खुले में घुमते है इसलिए हमारे लिए फसल बचाना मुश्किल होता है और सड़कों में बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटना में जनहानि होती है।
मुख्यमंत्री ने हर गांव में गौठान विकसित किए जाए। जहां पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हो। दस एकड जमीन में चारागाह विकसित किए जाए। गौठान में पशुओं के गोबर से वर्मी और कम्पोस्ट खाद बनेगी। जिससे होने वाली आय से गौठान समितियां गौठानों का संचालक करेंगी।  गौठान बनने से गांव में साफ-सफाई होगी, जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, कृषि लागत कम होगी, पशुओं का नस्ल सुधार का काम हो सकेगा जिससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  ताम्रध्वज साहू ने कर्मा जयंती पर अवकाश घोषित करने और अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। विधायक  धनेन्द्र साहू, पूर्व सांसद चन्दूलाल साहू, साहू समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष  अर्जुन हिरवानी, निवर्तमान अध्यक्ष  विपिन साहू ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर साहू समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

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