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महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण दूर करने डीएमएफ से खर्च की जाएगी राशि


  • प्रभारी मंत्री साहू की अध्यक्षता में शासी परिषद की बैठक आयोजित

रायपुर। जिले में खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में बच्चे, किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को कुपोषण (Malnutrition) एवं एनीमिया (Anemia) से मुक्त करने के लिये जिला खनिज संस्थान न्यास से राशि खर्च की जाएगी। इसके साथ ही गांवों में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, कृषि, पर्यावरण, वृद्ध एवं नि:शक्त कल्याण आदि के कार्य उच्च प्राथमिकता से किए जाएंगे। यह निर्णय गृह, लोक निर्माण, जेल, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू (Tamradhwaj sahu) की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में नेता प्रतिपक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक (Dharamlal Kaushik), बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि सिंह, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, कोटा विधायक श्रीमती रेणु जोगी विशेष रूप से उपस्थित थी।
    बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में डीएमएफ से किये जाने वाले कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। शासी परिषद के सदस्यों के सुझाव से विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव बनाये जायेंगे। उन्होंने सभी सदस्यों से इस संबंध में प्रस्ताव देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान 2 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। जिले में प्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित 95 ग्राम पंचायतों के 298 आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों, किशोरी बालिकाओं और गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को अतिरिक्त आहार के रूप में हफ्ते में तीन दिन पौष्टिक लड्डू देने की योजना बनाई गई है। प्रभारी मंत्री ने निर्देशित किया कि इसका परीक्षण करें। जिससे जरूरतमंद हितग्राहियों को वास्तविक फायदा मिले। गुणवत्ता के साथ पारदर्शी तरीके से कार्य को क्रियान्वित किए जाने पर उन्होंने जोर दिया। धरमलाल कौशिक के सुझाव पर जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक चिकित्सा उपकरण और जिन अस्पतालों में डाक्टर, नर्स, कम्पाउंडर आदि कर्मचारी नहीं है, वहां डीएमएफ से इन पदों पर नियुक्ति हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारी क्षेत्र का दौरा करें और प्राथमिकता अनुसार कार्यों का उचित प्रस्ताव बनायें। सभी सदस्यों को भी उनके क्षेत्र के प्रस्तावित कार्यों की सूची देने का अनुरोध किया। बैठक में शासी परिषद के सदस्यों को डीएमएफ के नियमों में किए गए संशोधन से अवगत कराया गया।

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