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राजस्व मंत्री ने प्रदेश में सूखा और बाढ़ से निपटने की समीक्षा




  • प्रदेश में एक सितंबर से 30 अक्टूबर तक होगा राजस्व पखवाड़े का आयोजन
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर और कलेक्टरों से की सीधी चर्चा

रायपुर ।  प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुर्नवास मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में सभी संभाग के संभाग आयुक्त और सभी जिले के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में सूखा और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के जिलों में बाढ़ से निपटने एवं प्रभावितों को राहत एवं बचाव की जानकारी ली। उन्होंने चालू खरीफ मौसम में प्रदेश में 75 प्रतिशत से कम हुई वर्षा को देखते हुए कलेक्टरों को खरीफ बोनी एवं फसल की स्थिति की समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


राजस्व मंत्री ने सभी कमिश्नर और कलेक्टरों को एक सितबंर से 30 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले राजस्व पखवाड़े में भूमि संबंधी समस्याओं और आवेदनों के निराकरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व पखवाड़े के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार एक सितम्बर से 30 अक्टूबर के मध्य राजस्व पखवाड़ा का आयोजन के अंतर्गत बी-1 पाठन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका, अभिलेख दुरूस्ती, आरबीसी 6(4) के तहत सहायता अनुदान, निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों का निराकरण करने को कहा। उन्होंने कहा है कि इसके लिए ग्रामीणों से निर्धारित तिथि को प्रत्येक पटवारी हल्का के गांवों में मुनादी कर आवेदन लिए जाए। आवेदनों को सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाए और 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। इसके बाद 21 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के मध्य ग्राम में जाकर हल्का पटवारी के द्वारा प्रत्येक आवेदन के संबंध में किए गए निराकरण की जानकारी दी जाए।

राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राजस्व पखवाड़ा के दौरान अभिलेख दुरूस्तीकरण के तहत आनलाईन भुईया सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट डाटा को मिलान करने के लिए शासन के द्वारा जारी निर्देशों का पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को हल्का पटवारियों से 30 सितम्बर तक राजस्व संबंधित कार्यों के अलावा अन्य कार्य न लेते हुए खसरा, पांचसाला एवं आनलाईन भुईया सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट डाटा को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित करने का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। वीडिया कांफ्रेंसिंग में राजस्व विभाग के सचिव निर्मल खाखा, भू-अभिलेख संचालक श्री रमेश शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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