Your Ads Here

छत्तीसगढ़ के सैकड़ों गांव बने टापू, इंद्रावती एवं शबरी नदी उफान पर



  • निचली बस्तियां हुयी जलमग्र, अनेक कच्चे मकान ढह गए

जगदलपुर । पिछले 3 दिनों से छत्तीसगढ़ के बस्तर में निंरतर हो रही मूसलाधार बारिश से नदी नालों में उफान एवं बाढ़ के चलते संभाग मुख्यालय का अनेक स्थानों से सड़क संपर्क विच्छेद हो गया है।  गांव व कस्बे तालाब में तब्दील हो गए हैं। सड़कें, गलियां, चौराहे पानी से लबालब हो गये हैं। दर्जनों मकान धराशायी हो गए हैं, खेत एवं गांव जलमग्र हो गए हैं। कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। सर्वत्र पानी का उमड़ता सैलाब दिखायी पड़ रहा है। समूचा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, मुसीबतें बढ़ गयी हैं साथ ही जीना दुश्वार हो गया है।
इंद्रावती नदी का तेजी से बढ़ता जलस्तर वार्निंग लेवल पार कर गया है, कलेक्टर अय्याज तांबोली ने बताया कि उड़ीसा में खातीगुड़ा डेम का जलस्तर बढऩे से दोपहर बाद बांध के गेट खोल दिए जाएंगे। इसीलिए नदी किनारे के लोगों को सतर्कता बरतते हुए मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। बस्तर की प्रमुख नदियां शबरी, संकनी-डंकनी नदियों एवं उनकी सहायक नदियों का जल स्तर भी वार्निग लेवल फलांगने को मचल रहा है। ऐहतियात बरतते हुए शबरी किनारे के बाशिंदों को सतर्क कर दिया गया है।
बीजापुर जिला मुख्यालय से आंध्रप्रदेश मार्ग पर तारलागुड़ा में पुल पर बाढ़ का पानी दूसरे दिन भी पुल से ऊपर बह रहा है, जिससे पुल के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई है। इधर बीजापुर से बासागुड़ा मार्ग पर तालपेरू नदी का पानी पुल पर से 4 फीट ऊपर बह रहा है, जिससे इस मार्ग पर भी कल से यातायात ठप है।
सुकमा जिले में दंतेवाड़ा मार्ग पर स्थित गादीरास में मलगेर नदी का पानी अपनी सीमाएं लांघते हुए विगत 36 घंटो से पुल के ऊपर बह रहा है, जिससे गादीरास का 10 पंचायतों से सड़क संपर्क भंग हो गया है। 
शहर के निचले हिस्सों संजय बाजार चौक, धरमपुरा मार्ग पर कई स्थानों के अलावा अम्बेडकर वार्ड, भैरमदेव वार्ड, विजय वार्ड, शिवमंदिर वार्ड में बुरी तरह से पानी भर हुआ है। निर्मल स्कूल, दीप्ति कान्वेंट, हम एकेडमी समेत दर्जन भर स्कूलों में तेज बारिश के कारण बच्चों को छुट्टी दे दी गयी। शहर एवं आसपास के गांवों में दर्जन भर से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए हैं। इस दौरान हालांकि किसी जनहानि की खबर नहीं है। संभाग मुख्यालय के रियासतकालीन जगन्नाथ मंदिर की छत में रिसाव से गर्भगृह में पानी भर गया है और मूर्तियां भीग रही हैं।
विधायक रेखचंद जैन और महापौर जतीन जायसवाल आज सुबह से निगम के अमले के साथ जलमग्र बस्तियों का दौरा कर बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
इधर भारी बारिश से कई नदियां भी उफान में है। इनमें इंद्रावती नदी में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ओडि़शा के कातीगुड़ा डैम में जल स्तर बढऩे से यहां दोपहर में गेट खोले जा सकते है। आगामी 24 घंटे में बसतर में भारी बारिश की हो सकती है। बस्तर कलेक्टर डा. अय्यज तम्बोली ने बताया कि जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

No comments

Powered by Blogger.