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वनांचल क्षेत्र दन्तेवाड़ा में कुपोषण समाप्त करने सुपोषण अभियान शुरू, पायलट प्रोजेक्ट के तहत 4 पंचायतों का चयन


  • गंजेनार ग्राम पंचायत में आज से पौष्टिक भोजन प्रदाय शुरू
  • शिशुओं और शिशुवती माताओं सहित शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को हर दिन मिलेगा गरम पौष्टिक भोजन
रायपुर । वनांचल क्षेत्र बस्तर अंचल को कुपोषण से निजात दिलाने के लिये मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप सुपोषण अभियान शुरू हो गया है। बस्तर संभाग के दन्तेवाड़ा जिले में 24 जून से कुपोषण को दूर करने के लिये शिशुओं, शिशुवती माताओं और शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को हर दिन गरम पौष्टिक भोजन प्रदाय शुरू कर दिया गया है।

जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस सुपोषण अभियान को आरंभिक तौर पर 4 ग्राम पंचायतों गंजेनार, श्यामगिरी, तुमकपाल और मुचनार शुरुआत किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत आज 24 जून को दंतेवाड़ा ब्लॉक के गंजेनार ग्राम पंचायत में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला विनय नाग, कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा और सीईओ जिला पंचायत श्री सच्चिदानंद आलोक द्वारा शिशुओं, शिशुवती माताओं तथा शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को गरम पौष्टिक भोजन परोसकर इस महत्वाकांक्षी सुपोषण अभियान की शुरुआत की गई। दन्तेवाड़ा जिले में इस अभियान के संचालन हेतु जिला खनिज न्यास निधि के तहत वित्त पोषण किये जाने का निर्णय लिया गया है।
सुपोषण अभियान के लिए चयनित अन्य 3 ग्राम पंचायतों में सप्ताहांत तक पोषण आहार देना आरंभ कर दिया जायेगा। वहीं आगामी महीने में जिले के सभी ग्राम पंचायतों में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से उक्त सुपोषण अभियान को शुरू किया जायेगा। इस अभियान के तहत दंतेवाडा जिले में 2 हजार 702 शिशुवती माताएं, 2 हजार 513 शाला त्यागी किशोरी बालिकायें तथा एक से 3 वर्ष आयु वर्ग के 7906 बच्चों को गरम पौष्टिक भोजन के साथ ही मूंगफली, गुड़ और फूटा चना का लड्डू भी प्रदान किया जायेगा।
इससे पहले सुपोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 हजार 763 गर्भवती माताओं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 12 हजार 386 बच्चों को हर दिन गरम भोजन दिया जाता था। वहीं एक से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को टेक होम राशन प्रदान किया जाता था। अब राज्य सरकार की नवीनतम सुपोषण अभियान के जरिये एक से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों सहित शिशुवती माताओं, गर्भवती माताओं और 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को गरम पौष्टिक भोजन हर दिन परोसा जायेगा। वहीं अतिरिक्त आहार के रूप में अंडा और मूंगफली, गुड़ और फूटा चना का लड्डू प्रदाय किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बस्तर अंचल में कुपोषण के प्रकोप को मद्देनजर रखते हुए बस्तर संभाग के कलेक्टरों को आगामी एक साल के भीतर कुपोषण को नियंत्रित करने के लिये व्यापक स्तर पर अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिये बस्तर संभाग के सभी जिलों में बच्चों और माताओं को प्रतिदिन पूरक पोषण आहार सुलभ कराने कहा है। उन्होंने इस दिशा में कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि उक्त सुपोषण अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिये ग्राम पंचायतों द्वारा स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से लोगों की रूचि के अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाये।

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