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सीएम भूपेश बघेल ने किया निर्वाचन आयोग में पीएम की शिकायत


  • -सेना के शौर्य-पराक्रम को अपनी उपलब्धि बताना गलत 
  • -निर्वाचन आयोग पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत 

रायपुर । भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा छत्तीसगढ़ के बालोद क्षेत्र में लिये गये चुनावी सभा में सेना के नाम और सेना के कार्यो का दुरूपयोग किये जाने का आरोप लगाते हुए आज मुख्यंत्री भूपेश बघेल ने निर्वाचन आयोग पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने की शिकायत की है। आयोग को की गई शिकायत में कहा गया है कि- भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रत्याशियो मोहन मंडावी (कांकेर), विजय बघेल (दर्ग), संतोष पांडेय (राजनांदगांव) एवं चुन्नी लाल साहू (महासमुंद) के पक्ष में चुनावी सभा के माध्यम से चारो प्रत्याशियों का प्रचार एवं समर्थन के लिये चुनावी सभा का आयोजन किया था। जिसमें मोदी जी ने भाषण दिया था पूरे भाषण की इलेक्ट्रानिक रिकार्डिंग सीडी में दर्ज है जो पूरे 45 मिनट का है। जिसकी प्रति इस शिकायत के साथ संलग्न है।
इस सीडी में नरेन्द्र मोदी जी का भाषण लगभग 17.21 मिनट से शुरू होकर अंत तक है इस भाषण में 23.30 मिनट पर, 23.52 मिनट पर, 26.19 मिनट पर, 30.26 मिनट पर, 37 मिनट पर कुल पांच बार आचार संहिता का उल्लघन किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि प्रधानममंत्री श्री मोदी ने पांच साल के अपने किसी भी विकास कार्य का कोई भी उल्लेख इस चुनावी सभा में नहीं किया केवल और केवल पूरे भाषण में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम की आड़ लेकर अपनी पीठ खुद थपथपाते रहे और अपने मुंह मिया मि_ू बनते रहे और देश की सेना के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख कर चुनावी लाभ लेने और वोट बटोरने का काम करते रहे। देश की सेना को आत्म निर्भर बनाने........., घर में घुसकर....., गर्व हुआ की नहीं......., सर्जिकल स्ट्राइक......., एयर स्ट्राइक........, जवानों का रक्षा कवच हटाना......., सेना के जवानों को, सुरक्षाबलो को निहत्था........। इस तरह की चुनावी लाईनो पर मोदी जी का पूरा भाषण केन्द्रीत था। मोदी जी ने यह भी कहा है कि भाजपा सेना को मजबूत करने के लिये चुनाव लड़ रही हैं और कांग्रेस सेना को कमजोर करने के लिये चुनाव लड़ रही है। उनका यह कथन ना केवल अप्रासंगिक था बल्कि सेना का नाम लेकर चुनावी फ ायदा उठाने की कोशिश भी थी।
इसी तरह से उन्होने ने सेना द्वारा की गयी सैन्य कार्रवाई का और हाल ही में सेना द्वारा अंतरिक्ष में सैटेलाईट नष्ट करने का जो परिक्षण किया था उसका उल्लेख किया और सैन्य कार्यो का राजनैतिक लाभ उठाने की कोशिश की गई। यह मुद्दे की सुरक्षा से जुड़े मसले है और राजनैतिक फायदे के लिये दुरूपयोग नहीं किया जाना चाहिये लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी लगातार यह कर रहे है। यह बताना अनिवार्य एवं लाजमी है कि, उन्होंने अपने भाषण के दौरान अनेकों बार भारतीय सेना भारतीय वायु सेना की शौर्य गाथा ओं को अपनी पार्टी की उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने का प्रयास किया है तथा आमजन को भ्रमित करने का प्रयास किया है। जैसा कि आपके द्वारा पूर्व में ही यह निर्देश जारी किया जा चुका है, कि कोई भी राजनीतिक दल सेना के द्वारा किए गए कार्य को अपना व्यक्तिगत कार्य बताते हुए चुनाव प्रचार में सेना को राजनीतिक गलियारों में ना खींचे। जबकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालोद में दिनांक 06.04.2019 को हुए अपने सभा में अनेकों बार सर्जिकल स्ट्राइक को अपनी उपलब्धि बताएं। अनेकों बार उन्होंने भारतीय सेना के द्वारा किए गए कार्यों को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि बताई है। और इस तरह से उन्होंने जानबूझकर तथा बदनियती पूर्वक, भारत के नागरिको को धोखे में रखकर वोट पाने का कुत्सित प्रयास किया है।  महोदय यह भी बताना लाजमी एवं अनिवार्य है कि भारतीय सेना एक स्वायत्त संस्था एवं भारत की सर्वोच्च योग्यता प्राप्त संस्थान है जो अपने कार्यों से देश की सीमाओं की सुरक्षा करती है। भारतीय सेना कभी भी अपने किए गए कार्यों को स्वयं प्रचारित नहीं करती और भारतीय सेना अपने समस्त किए गए कार्यों को गुपचुप तरीके से सावधान रहकर करती है इसके पीछे कारण यह भी है कि भारतीय सेना के किए गए कार्यों को यदि उजागर करने लगे तो इससे दुश्मन देशों को तथा दुश्मन सेना को अत्यधिक फ ायदा होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक  जिम्मेदार व्यक्ति की श्रेणी में आते हैं, और अपने राजनीतिक लाभ के लिए उन्होंने सेना जैसी संस्था को भी अब अपना राजनीतिक मिशन का हिस्सा बना लिया है। मोदी जी का यह कृत्य देश की सुरक्षा एवं देश की सेना के प्रदर्शन एवं सेना की सुरक्षा को प्रभावित करने वाला कदम है। श्री मोदी जी से कदापि यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह सेना के द्वारा किए गए कार्य को, अपने भारतीय जनता पार्टी के कार्य के रूप में अपने चुनावी मंच से संबोधित करें।  

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