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नॉन घोटाले की जांच में आई तेजी, एसआईटी ने नॉन दफ्तर में खंगाले पुराने रिकार्ड


रायपुर । नान घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम ने जांच कार्यवाही में तेजी लाते हुए आज ईओडब्लू एसपी एवं एसआईटी अफसर आईके ऐलेसेला के नेतृत्व में अवंति विहार स्थित नान मुख्यालय में दबिश दी। एसआईटी की टीम ने यहां कई पुराने दस्तावेजों को खंगाला। इस दौरान यहां कंप्यूटर सिस्टमों के कुछ पुराने हार्ड डिस्क को भी देखा। ज्ञात हो कि राज्य सरकार ने नॉन घोटाले की दोबारा जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी के गठन होने के बाद मामले की जांच भी शुरू कर दी है। जांच में आज तेजी लाते हुए एसआईटी की टीम ने नॉन मुख्यालय में जाकर वहां के पुराने रिकार्ड निकलवा कर उन्हें देखा।
करोड़ों के इस घोटाले में नॉन के एक आईएफएस अफसर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। एसआईटी इस अफसर की भूमिका को भी समझने का प्रयास कर रही है। वन मुख्यालय में बैठे एक बड़े आईएफएस अफसर को नान घोटाले का मास्टर माइंड माना जाता है। उस अफसर की पोस्टिंग के बाद ही नान में कमीशनखोरी का खेल चालू हुआ था। एसआइटी अगर नान की पुरानी कडिय़ों को जोडऩे में कामयाब हो गई तो उक्त आईएफएस अफसर भी पर भी गाज गिर सकती है। आईएफएस के अलावा एक आईएएस अफसर का नाम भी डायरी में है।  इस मामले में आईएएस डा. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा पहले से अभियुक्त हैं। दोनों को मिलाकर ईओडब्लू ने 16 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है।  

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