- 24 घण्टें संचालित होगा मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण सेल: अधिकारी-कर्मचारियों को मिला प्रशिक्षण
रायपुर । लोकसभा निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया वेबसाईट्स में जारी किए जाने वाले राजनैतिक विज्ञापनों और पेड न्यूज की निगरानी के लिए जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति गठित की गई है साथ ही मीडिया प्रमाणन एवं मॉनिटरिंग के लिए अलग-अलग सेल बनाए गए जो आदर्श आचारण संहिता लागू होते ही 24 घंटे निगरानी प्रारंभ कर देंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. बसवराजु एस. के निर्देशन पर आज यहां जिला कलेक्टारेट के रेडक्रॉस सभाकक्ष जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के अंतर्गत गठित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया और मुद्रण सेल के अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अपर कलेक्टर आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि टी.वी. चैनल, केबल टी.वी.चैनल, रेडियो, एफफम रेडियो, सिनेमा, ई-समाचार पत्र, बल्क एसएमएस, वाईस मैसेज और सार्वजनिक स्थलों पर दृश्य-श्रव्य माध्यमों में राजनैतिक विज्ञापनों के लिए समिति से प्रमाणन अनिवार्य है वहीं मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले से मतदान समाप्ति तक इलेक्ट्रानिक माध्यमों में राजनैतिक विज्ञापन प्रतिबंधित रहेंगे। इसी तरह प्रिंट मीडिया में मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले प्रकाशित कराए जाने वाले राजनैतिक विज्ञापनों के लिए समिति से प्रमाणन अनिवार्य होगा। प्रमाणन के लिए प्रत्याशियों को निर्धारित प्रारूप में, विज्ञापन की डिजिटल प्रति और दो प्रतियों में उसका प्रतिलेख प्रसारण प्रारंभ होने की निर्धारित तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। किसी अन्य व्यक्ति, संगठन, समूह के लिए यह समय-सीमा कम से कम 7 दिन पूर्व होगी। प्रस्तावित विज्ञापन पर समिति उसमें संशोधन अथवा विलोपन का निर्देश दे सकती है अथवा संतोषजनक न पाए जाने पर आवेदन को निरस्त भी कर सकती है। उन्होंने बताया कि अनुमति का अर्थ विज्ञापन में कही गई बातों, आंकड़ों और तथ्यों की पुष्टि करना नही है। उन्होंने बताया कि नाम निर्देशन पत्र में अभ्यर्थी को अपना ई-मेल आई.डी. और सोशल मीडिया एकाउंट जैसे फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब, व्हाटसएप आदि की भी जानकारी देनी होगी। राजनैतिक दल और प्रत्याशियों को अपने व्यय लेखा में सोशल मीडिया में जारी विज्ञापनों और कैम्पेन में किए गए खर्च को भी देना होगा। इसी तरह टी.वी. चैनलों और समाचार पत्रों में पेड न्यूज की भी सतत रूप से निगरानी समिति द्वारा की जाएगी। संबंधित राजनैतिक दल या अभ्यर्थी के पक्ष में पेड न्यूज पाए जाने पर समिति द्वारा संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। जो प्रत्याशियों को नोटिस कर जबाव मांगेंगे और जबाव संतोषजनक नही पाए जाने पर इसे संबंधित राजनैतिक दल अथवा प्रत्याशी के व्यय लेखा में शामिल किया जाएगा। पेड न्यूज के मामले में जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के निर्णय के विरूद्ध राज्य स्तरीय समिति में अपील की जा सकेगी। प्रशिक्षण के सहायक नोडल अधिकारी के.एस.पटेल तथा मास्टर टेऊनर डिग्री गल्र्स कॉलेज के प्रो. डॉ. अजित हुण्डेथ ने एमसीएमसी के विभिन्न सेलों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
