- जिले में हुआ सुराजी गांव योजना का आगाज, ग्राम जोबी में गौठान के भूमि पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल
उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि आने वाले समय में पानी की उपलब्धता कठिन होगी एवं पानी के स्त्रोत कम होंगे। जल के स्तर को रिचार्ज करने के लिए नरवा एवं तालाबों में जल संचयन और संवर्धन के लिए संरचनाओं का निर्माण करना जरूरी है। जिससे जल का स्तर बढ़ेगा। उन्होंने इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 13 एकड़ जमीन में नरवा, गरूवा, घुरूवा एवं बाड़ी सभी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह कार्य होगा। इससे गांवों के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए कर्ज माफी की है। वहीं 2500 रुपए में धान खरीदी भी की जा रही है। बिजली बिल आधा करने के लिए शासन की ओर से घोषणा की गई थी जिससे मई माह से बिजली का बिल भी आधा हो जाएगा। वहीं 35 किलो राशन दिया जाएगा।
कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की यह योजना शासन की फ्लैगशिप योजना है जिसकी शुरूआत ग्राम-जोबी से हो रही है। सभी महत्वपूर्ण क्लस्टर में इसकी शुरूआत की जाएगी। इस योजना से जल संचयन के लिए संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे भूमि में जल का स्तर रिचार्ज रहेगा एवं पानी की उपलब्धता रहेगी। उन्होंने कहा कि गौठान में गाय रहेंगी और वहां गोबर गैस की आपूर्ति की जाएगी। गौठान में पक्का चबूतरा भी बनाया जाएगा ताकि साफ-सफाई रहे। उन्होंने बताया कि गांवों में यह उपयुक्त स्थान मिला है जिसके समीप ही तालाब भी है। उन्होंने बताया कि नवाचार करते हुए मवेशियों को पानी देने के लिए जीरो ग्रेविटी पद्धति का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाड़ी विकास का कार्य भी किया जा रहा है। अक्षय चक्र पद्धति से ग्रामवासियों को हर तरह की भाजी मिलेगी। उन्होंने कहा कि गांधी जी के स्वप्न हर गांव आत्मनिर्भर बने उस दिशा में यह योजना कारगर सिद्ध होगी।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल ने अक्षय चक्र पद्धति से बनाए गए वृत्ताकार बाड़ी का भी अवलोकन किया, जहां उन्होंने अक्षय जलकुंड की जानकारी ली। किसानों से बातचीत के दौरान मंत्री श्री उमेश पटेल ने पूछा कि बाड़ी में अक्षय चक्र से क्या फायदा होगा। कृषकों ने उन्हें बताया कि इसमें जिस पानी का उपयोग होता है वह गोबरयुक्त अक्षय जल है, जिससे अधिक उत्पादन होगा। किसानों ने उन्हें बताया कि अक्षय चक्र पद्धति से टमाटर, मिर्च, ककड़ी, प्याज, शिमला मिर्च एवं भाजी लगाए है। उद्यानिकी विभाग द्वारा टमाटर एवं मिर्च के पौधे दिए गए है। ककड़ी, खीरा, कटहल, अमरूद आदि के दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। वहीं भाजियों के उत्पादन से तत्काल फायदा होगा। मंत्री श्री उमेश पटेल ने पूछा कि बाड़ी लगाने का क्या लाभ होगा तब कृषकों ने बताया कि थोड़े से श्रम से बहुत फायदा मिलेगा। माह में 7 से 8 हजार रुपए तक की आमदनी मिल सकेगी।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने बाड़ी विकास एवं अन्य कार्यों की जानकारी से भी उच्च शिक्षा मंत्री को अवगत कराया। इस अवसर पर सरपंच, जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्री गिरीश रामटेके एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन जनपद सीईओ श्री ओपी शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रशांत सिंह ने किया।
