गणतंत्र दिवस : परेड में पहली बार महिला स्वाट कमांडो!


नई दिल्ली । इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली की सुरक्षा 48 पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियों और 35 हजार दिल्ली पुलिस के जवानों के हाथ होगी। कंपनियां अगले 4 दिनों में दिल्ली पहुंच जाएंगी। पहली बार परेड का रूट भी डायवर्ट हुआ है। संभावना है कि देश की पहली महिला स्वाट कमांडो परेड में नजर आएं। स्वदेशी और विदेशी तोप के-9 वज्र और एम-777 होवित्जर तोप भी परेड में नजर आएंगी।
ऐसा पहली बार होगा जब परेड इंडिया गेट अमर जवान ज्योति से होते हुए नहीं निकलेगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि रूट में फेरबदल की वजह है, इंडिया गेट पर नैशनल वॉर मेमोरियल का कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। वहीं, एनएसजी से ट्रेंड देश की पहली महिला स्वाट कमांडो परेड में नजर आ सकती है, इसका फाइनल फैसला 16 जनवरी को स्पेशल सेल की मीटिंग में होना है।
जैश-लश्कर के साथ स्लीपर मॉड्यूल से भी खतरा
अफसरों के मुताबिक, दिल्ली और यूपी से संदिग्ध आतंकियों के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस बार ज्यादा अलर्ट हैं। दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ इंटरनल इंटेलिजेंस कोर्डिनेशन कोर बनाया है। सूत्रों की मानें तो काफी समय से जैश और लश्कर के आतंकी तो साजिश रच ही रहे हैं, अब खतरा ऐसे स्लीपर मॉड्यूल से ज्यादा है, जो तबाही का मंसूबा बना रहे हैं।
10 हजार सीसीटीवी कैमरों से नजर
नई दिल्ली, नॉर्थ और सेंट्रेल डिस्ट्रिक्ट में ही 4000 रूफ टॉप सुरक्षा को लेकर चिन्हित किए गए हैं। समारोह में आने वालों को स्पेशल व्हीकल चेक्ड स्टीकर दिए जाएंगे। इंडिया गेट के तीन किलोमीटर के दायरे में विशेष गश्ती दल होंगे। इस हफ्ते डमी काफिला बनाकर समारोह स्थल तक पहुंचने की टाइमिंग, स्पीड और सुरक्षा का जायजा लिया जाएगा। एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस के करीब 25 हजार जवान समारोह स्थल के आसपास की सुरक्षा संभालेंगे। इसके साथ ही करीब 10,000 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी।