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हंगामे के कारण लोकसभा में नहीं हो सका शून्यकाल


नयी दिल्ली । अलग-अलग मांगों को लेकर अखिल भारतीय अन्नाद्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और तेलुगूदेशम पार्टी (तेदेपा) के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा में शून्यकाल नहीं हो सका तथा सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही जैसे ही दोपहर 12 बजे शुरू हुई, अन्नाद्रमुक और तेदेपा के सदस्य हाथों में तख्तियां लिये हुए अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गये। उन्होंने हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां ले रखी थीं तथा जोर-जोर से नारेबाजी कर रहे थे। अन्नाद्रमुक के सदस्य कावेरी नदी पर बांध निर्माण रोकने की मांग को लेकर सत्र के पहले दिन से ही हंगामा कर रहे हैं। तेदेपा की मांग आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने और वहां रेलवे जोन तथा इस्पात कारखाना बनाने की है।
हालांकि, राफेल विमान सौदे मुद्दे पर चर्चा को सदन की कार्यसूची में शामिल किये जाने के कारण मौजूदा सत्र के आरंभ से ही इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग पर हंगामा कर रहे कांग्रेस सदस्य शांतिपूर्वक कार्यवाही में हिस्सा ले रहे थे।
हंगामे के बीच ही अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन पटल पर जरूरी दस्तावेज रखवाये। विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हंगामे के बीच ही आधार एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2018 पेश किया, जिसका कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने कड़ा विरोध किया।
इस दौरान अन्नाद्रमुक और तेदेपा के सदस्यों ने हंगामा और तेज कर दिया। अन्नाद्रमुक के कुछ सदस्यों ने हाथ में लिये कागज फाड़कर हवा में उछाल दिये। अध्यक्ष ने मार्शल को उन सदस्यों के नाम लिखकर देने को कहा जिन्होंने कागज उछाले। श्रीमती महाजन के बार-बार आगाह करने के बावजूद हंगामा कर रहे सदस्य शांत नहीं हुए और बीच-बीच में वे कागज के टुकड़े हवा में उछालते रहे। इसके बाद सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
सुबह ग्यारह बजे भी कार्यवाही शुरू होने के साथ ही ये सदस्य हंगामा करते हुए आसन के समीप पहुंच गये थे। उस वक्त भी अध्यक्ष ने यह कहते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया था कि देश के आम लोग सदन में यह सब नहीं देखना चाहते। सदस्यों के नहीं मानने पर उन्होंने शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया, लेकिन अंतत: करीब 11 बजकर 18 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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