हिचके बिना संकल्प पूरा करने के लिए कानून बनाए सरकार



  • विहिप की धर्मसभा में राम मंदिर पर संघ सरकार्यवाह की खरी खरी
  • कहा-मंदिर वहीं बनाएंगे बोलने वाले पूरा करें अपना संकल्प
  • न्यायपालिका को भी दी लोगों की भावनाओं को समझने की नसीहत
  • ऋ तंभरा बोली-राम की बात करने वाले ठाठ में तो रामलला टाट में

नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले राष्टï्रीय स्वयं सेवक संघ और विहिप ने राम मंदिर पर सियासी गर्मी बढ़ा दी है। रविवार को विहिप द्वारा आयोजित धर्मसभा में संघ के सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने सरकार से दो टूक शब्दों में राम मंदिर निर्माण के अधूरे संकल्प को पूरा करने केलिए हिचक छोड़ कर कानून बनाने की मांग की। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए लोगों की भावनाएं समझने की नसीहत दी और साफ साफ कहा कि देश राम मंदिर की भीख नहीं माग रहा। संघ कार्यवाह ने इस दौरान शीर्ष अदालत और सरकार को को लोगों केभावनाओं का ख्याल रखने की नसीहत देते हुए यह भी कहा कि बाधाएं दूर करना सरकार और अदालत का कर्तव्य है।
धर्मसभा में संघ केसरकार्यवाह सहित अन्य संतों ने शीत सत्र से पहले सरकार को सख्त संदेश दिया है। जोशी ने सरकार को उसकेराम मंदिर निर्माण के संकल्प की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों की ही घोषणा रही है कि मंदिर वहीं बनाएंगे। राम मंदिर निर्माण उनका भी संकल्प है। अब संकल्प पूरा करने का समय आ गया है। ऐसे में अब सरकार को बिना झिझक अपना संकल्प पूरा करना चाहिए। साल 1992 में जो कार्य अधूरा रह गया था, उसे पूरा करने का समय आ गया है।  सरकार में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि हम राम मंदिर निर्माण की भीख नहीं मांग रहे। जनभावनाओं का सम्मान करना भी सत्ता का कर्तव्य है।

मंदिर निर्माण से ही रामराज्य की नींव

जोशी ने कहा कि हिंदू समाज संघर्ष नहीं चाहता। अगर हम संघर्ष चाहते तो इतने साल तक इंतजार नहीं करते। राम मंदिर को किसी संप्रदाय से जोड़ कर देखना गलत होगा। सच्चाई यह है कि राम मंदिर के निर्माण से ही देश में रामराज्य की नींव पड़ेगी। देश में गुलामी के प्रतीक माने जाने वालों के निशान क्यों मौजूद रहना चाहिए?

शीर्ष अदालत पर हमला

संघ के सरकार्यवाह ने राम मंदिर मामले में सुनवाई टालने की चर्चा करते हुए सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत लोगों की भावनाओं को समझे। न्यायपालिका के प्रति अविश्वास का वातावरण ठीक नहीं है। इस पर उसे ही विचार करना होगा।

साध्वी बोली रामलला टाट में उनकी बात करने वाले ठाठ में

धर्मसभा में साध्वी ऋ तंभरा ने भी दो टूक शब्दों में कानून या अध्यादेश के रास्ते राम मंदिर निर्माण की बात कही। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वर्तमान में राम मंदिर की बात करने वाले ठाठ में हैं जबकि रामलला टाट में। उन्होंने कहा कि अयोध्या में कितने भी आयोजन कर लो, सरयु के तट पर दीप जला लो, प्रभु राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने की बात कर लो। मगर वहां जब तक प्रभु राम का भव्य मंदिर नहीं बनेगा, तब तक सारे प्रयास अधूरे ही माने जाएंगे।

इन हस्तियों ने की शिरकत

विहिप की धर्मसभा में सौ से अधिक संगठनों के लोगों ने शिरकत कर कानून के जरिए राम मंदिर निर्माण की मांग की। इनमें साध्वी ऋतंभरा, महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, जगतगुरु हंसदेवाचार्य महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार और अंतर्राष्टï्रीय बीएस कोकजे ने संबोधित किया।
हमें पूरा विश्वास है कि सरकार इसी सत्र में मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी। सरकार ही नहीं दूसरे दल भी समर्थन के लिए मजबूर होंगे। राजनीतिज्ञों को पता है कि लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं करने के क्या परिणाम आता है।

विनोद बंसल, प्रवक्ता विहिप

सारा देश रामलीला मैदान में राममंदिर निर्माण की मांग पर जमा हुए जनसैलाब को देख रहा है। सरकार और देश लोगों की भावनाओं का सम्मान करेेंगे।
शाहनवाज हुसैन, प्रवक्ता भाजपा