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50 हजार उज्जवला योजना के धारकों ने दुबारा नहीं लिया सिलेंडर


जगदलपुर । वातावरण को और गांवों की प्राकृतिक हवा को शुद्ध रखने व पर्यावरण बचाने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को धुंऐ से मुक्त करने के लिए बनाई गई उज्जवला योजना यहां के ग्रामीण लोगों को नहीं भा रही है और उन्हें तो परंपरागत चूल्हे से भोजन बनाना बड़ा सरल और सस्ता लगता है। इसी का परिणाम यह है कि उज्जवला योजना के अंतर्गत केंद्र द्वारा गरीब परिवारों को अभी तक 80 हजार से अधिक गैस कनेक्शन बस्तर जिले में मुक्त दिये गये हैं। इनमें से करीब 50 हजार कनेक्शन धारी परिवार प्रथम बार में गैस सिलेण्डर और चूल्हा लेकर शांत हो बैठ गया। दूसरी बार गैस सिलेण्डर खाली होने पर उनको सिलेण्डर भराने के लिए समय व धन नहीं रहा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने रसोई गैस बांटने की प्रत्येक गरीब परिवार के लिए उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में गैस सिलेण्डर व चूल्हा प्रदान करने की योजना 2016 में शुरू की थी और 13 अंचल की 13 गैस एजेंसियों को नियुक्त किया था और पंचायत स्तर पर इसके कनेक्शन दिये गये। अब तक 80 हजार से अधिक कनेक्शन प्रदान किये गये हैं। तथा 20 हजार से अधिक कनेेक्शन का लक्ष्य अभी दिया जाना बाकी है। गैस सिलेण्डर भराने में अधिक पैसा लगता है और जंगलों से अधिक जलाऊ लकड़ी मिल जाती है तो गरीब ग्रामीण परिवारों को गैस सिलेण्डर में फोकट पैसा गंवाना रूचिकर नहीं लगता। 

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