विदाई भाषण में भावुक हुए शिवराज, ली हार की जिम्मेदारी, बोले- आज से चौकीदारी, 2019 की तैयारी


भोपाल । मध्य प्रदेश में हार के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में शिवराज सिंह चौहान बेहद भावुक दिखे। इस्तीफा देने के बाद प्रेस वार्ता में चौहान ने हार की जिम्मेदारी खुद ली। उन्होंने कहा कि अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। इसके साथ ही शिवराज ने यह भी कहा कि वह मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। शिवराज ने कहा, आज से मेरी चौकीदारी शुरू। अब हम 2019 की तैयारी में जुटेंगे और मोदी के नेतृत्व में फिर केंद्र में सरकार बनाएंगे।
बता दें कि मध्य प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी है। बुधवार को कांग्रेस की तरफ से सरकार बनाने का दावा पेश किया गया। बीएसपी और एसपी ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है। शिवराज ने भावुक अंदाज में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'जाने-अनजाने मेरे किसी काम से, मेरे शब्दों, मेरे किसी भाव से साढ़े 7 करोड़ मेरे मध्य प्रदेश के भाई-बहनों के मन को कोई कष्ट हुआ तो मैं क्षमापार्थी हूं।'
"जाने-अनजाने मेरे किसी काम से, मेरे शब्दों, मेरे किसी भाव से साढ़े 7 करोड़ मेरे मध्य प्रदेश के भाई-बहनों के मन को कोई कष्ट हुआ तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं।"-विदाई भाषण में शिवराज सिंह चौहान

इस्तीफा के बाद पहली प्रेस वार्ता में चौहान ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनता की भलाई के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश रही कि प्रदेश का विकास हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता के विकास की योजनाएं कांग्रेस जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि हम मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और मेरी चौकीदारी आज से शुरू हो गई है।

शिवराज ने हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए कहा, '2008 में हमको 38 फीसदी वोट मिले थे और सीट मिली थीं 143। इस बार वोट 40 फीसदी मिले हैं, सीट मिली हैं 109। जनादेश का अंकगणित कई बार कुछ और होता है। पहले से भी ज्यादा जनादेश प्राप्त कर लें, तो सफलता दिखाई नहीं देती। लेकिन यह बात सच है कि हम बहुमत हासिल नहीं कर पाए। अपेक्षित सफलता भी हासिल नहीं कर पाए। उसके लिए कोई जिम्मेदार है तो शिवराज सिंह चौहान ही है।'
 
पिछले 13 साल से राज्य के सीएम रहे शिवराज ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष कमलनाथ को जीत की बधाई दी है। शिवराज ने कहा, 'विपक्ष भी मजबूत है, हमारे पास 109 विधायक हैं। मेरा काम है रचनात्मक सहयोग, चौकीदारी करने की जिम्मेदारी हमारी है।'
"2008 में हमको 38 फीसदी वोट मिले थे और सीट मिली थीं 143। इस बार वोट 40 फीसदी मिले हैं, सीट मिली हैं 109। जनादेश का अंकगणित कई बार कुछ और होता है। पहले से भी ज्यादा जनादेश प्राप्त कर लें, तो सफलता दिखाई नहीं देती। लेकिन यह बात सच है कि हम बहुमत हासिल नहीं कर पाए। अपेक्षित सफलता भी हासिल नहीं कर पाए। उसके लिए कोई जिम्मेदार है तो शिवराज सिंह चौहान ही है।"-विदाई भाषण में शिवराज सिंह

शिवराज ने इस दौरान दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। बता दें कि मध्य प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों के नतीजे आने के बाद किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। वहीं, बीजेपी को 109 सीटों पर जीत मिली है।