खशोगी हत्या मामले में एक और बड़ा खुलासा, दूतावास से एेसे बाहर भेजे गए शव के टुकड़े



रियाद। पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। खशोगी की हत्या की बात कबूलने के बाद सऊदी अरब अब तक उनके शव के बारे में जानकारी नहीं दे पाया है। जांच एजेंसियों के अधिकारी भी वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार खशोगी की मौत को लेकर कोई पुख्ता सबूत हासिल नहीं कर पाए हैं। हालांकि, इसी बीच तुर्की के सरकारी अखबार ‘सबाह’ ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि सऊदी दूतावास में खशोगी की हत्या के बाद हत्यारों ने उनके शव के टुकड़े 5 सूटकेसों में भरकर दूतावास के बाहर ले गए थे।


रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सूटकेसों को काफी समय के लिए दूतावास के पास ही स्थित राजदूत के घर में रखा गया। तुर्की सरकार के अधिकारियों ने अखबार को बताया कि इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने वाले 15 हत्यारों में माहेर मुतरेब, सलाह तुबेइगी और थार अल-हर्बी प्रमुख थे। इनमें मुतरेब मोहम्मद बिन सलमान के करीबी हैं। तुबेइगी सऊदी अरब के फोरेंसिक साइंस काउंसिल के प्रमुख एवं सेना में कर्नल हैं। अल हर्बी को पिछले साल जेहादी हमले से राजमहल की रक्षा करने के लिए लेफ्टिनेंट के तौर पर पदोन्नति दी गई थी।




इससे पहले तुर्की के एक वरिष्ठ अधिकारी यासिन आकताय ने आशंका जताई थी कि खशोगी के शव के टुकड़े कर उन्हें तेज़ाब में डाल दिया गया। आकताय का कहना था कि हत्यारों ने ऐसा इसलिए किया, ताकि खशोगी से जुड़ा कोई भी सुराग बाकी न रह जाए। हालांकि, फोरेंसिक टीमों को अभी तक जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे कहा जा सके कि खशोगी का शव तेजाब में डाला गया था।

इसी बीच, खशोगी के बेटों सालाह और अब्दुल्ला खशोगी ने अपील की है कि उनके पिता का शव उन्हें लौटा दिया जाए, ताकि वे उसे सऊदी अरब में दफना सकें। अमेरिका मीडिया को दिए इंटरव्यू में दोनों ने कहा कि शव नहीं मिलने से उनका परिवार लगातार मानसिक दबाव में है। इस मामले में दोनों ने सऊदी अधिकारियों के संपर्क में भी होने की बात कही।