पापा ने किया था मेडिटेशन के लिए फोर्स, जिससे मैदान पर मिली मदद-मयंक


नई दिल्ली: घरेलू क्रिकेट में अपने बल्ले से लगातार धूम मचाने वाले कर्नाटक के क्रिकेटर मयंक अग्रवाल को आखिरकार लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया में एंट्री मिल गई है. चार अक्टूबर से शुरू हो रही भारत-वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज के लिए मयंक अग्रवाल को चुना गया है. मयंक अग्रवाल को भारतीय टीम में शामिल होने की खबर अपने घरवालों से मिली थी. उन्होंने कहा, ‘मेरे घरवालों ने फोन पर मुझे यह जानकारी दी.’
 
मेरी मेहनत मुझे यहां तक लेकर आई है 
टीम इंडिया में अपने सलेक्शन पर मयंक अग्रवाल का कहना है कि, 'जब मुझे पता चला कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट टीम में मेरा सलेक्शन हो गया है तो मैं बहुत खुश था. खुश हूं. काफी एक्साइटेड भी हूं और बस भविष्य की तरफ देख रहा हूं.' इतने लंबे वक्त बाद टीम इंडिया में सलेक्शन पर मयंक का कहना है, 'मैं बस मेहनत करना जानता हूं. मेरी मेहनत ही मुझे यहां तक लेकर आई है. और मैं इसी पर फोकस करके आगे बढ़ना चाहता हूं और यही करता रहूंगा. बहुत पॉजिटिव हूं और अच्छा ही सोच रहा हूं. बाकी किस्मत पर निर्भर करता है. मेरा काम मेहनत करना और अच्छा खेलना है बस.'
परफॉर्मेंस मेरे हाथ में है, सलेक्शन नहीं
इतने दिनों तक नजरअंदाज किए जाने से क्या मयंक निराश थे. इस सवाल के जवाब में मयंक कहते हैं, 'मेरा परफॉर्मेंस मेरे हाथ में है, सलेक्शन नहीं. एक खिलाड़ी के तौर पर आपके हाथ में सिर्फ आपका परफॉर्मेंस होता है आप उसी को कंट्रोल कर सकते हैं और उसी पर मेहनत करते हैं. चयन मेरे हाथ में नहीं था और जो चीजें मेरे हाथ में नहीं होती, उन पर में ध्यान नहीं देना चाहता.'
18 साल की उम्र में मेडिटेशन शुरू किया 
आजकल जिम और वर्कआउट के दौर में मयंक आज भी मेडिटेशन को तवज्जो देते हैं. मयंक अग्रवाल ने 18 साल की उम्र में मेडिटेशन करना शुरू किया था. उन्होंने बताया, 'पापा ने मुझे मेडिटेशन के लिए फोर्स किया था. उन्होंने कहा था कि तुम मेडिटेशन किया करो. यह तुम्हारी बहुत मदद करेगा.'
मेडिटेशन से मैदान पर शांत रहने में मदद मिलती है 
मेडिटेशन से मयंक को क्रिकेट और अपने खेल को निखारने में कितना फायदा हुआ. इसके बारे में बताते हुए मयंक कहते हैं, 'जिम और बाकी वर्कआउट जरूरी हैं, लेकिन मेडिटेशन से आपकी अपने बारे में अवेयरनेस बढ़ती है. आप खुद को बेहतर तरीके से जान पाते हैं. अपनी कमजोरियों और ताकतों के बारे में आपको पता चलता है. साथ ही आप खुद को शांत रख पाते हैं. मेडिटेशन के बाद आप ज्यादा पॉजिटिव होते हैं. मैंने मेडिटेशन से खुद में काफी फर्क महसूस किया है और मैं आज भी इसको फॉलो करता हूं. मैदान पर भी शांत रहने में यह काफी मदद करता है.'

ओपनिंग के संभावित दोनों पार्टनर दोस्त हैं 
मयंक अग्रवाल के साथ टेस्ट टीम में पृथ्वी शॉ और केएल राहुल को भी बतौर ओपनर शामिल किया गया है. पृथ्वी और राहुल के साथ बॉन्डिंग के सवाल पर मयंक का कहना है कि दोनों के साथ काफी क्रिकेट खेला है. दोनों ही बेहतरीन खिलाड़ी हैं. मयंक कहते हैं, 'मैंने पृथ्वी और राहुल दोनों के साथ ही क्रिकेट खेला है. दोनों के साथ ओपनिंग करके मजा आता है. दोनों ही बहुत अच्छे दोस्त हैं. हम जब भी साथ होते हैं एक-दूसरे को हेल्प करते हैं. जैसी भी सिचुएशन होती है, मिलकर एक साथ उस पर जीत हासिल करने की कोशिश करते हैं.'

मयंक ने कहा, 'दोनों ही बहुत रन बना रहे हैं. दोनों के ही साथ अच्छी पार्टरनशिप है. हम लोग एक-दूसरे की कंपनी भी एन्ज्वॉय करते हैं और एक साथ बैटिंग करना भी पसंद करते हैं. ऐसे में किसी एक को चुनना मुश्किल है. मेरे लिए राहुल और पृथ्वी दोनों ही स्पेशल हैं.'

वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में 90 रन बनाए 
वेस्टइंडीज के खिलाफ अभ्यास मैच के लिए मयंक अग्रवाल को बोर्ड इलेवन में चुना गया था. प्रैक्टिस मैच में ही मयंक ने 90 रनों की शानदार पारी खेलकर प्लेइंग इलेवन में अपना दावा पेश कर दिया है. इस मैच में मंयक ने अपना शानदार और आक्रामक खेल दिखाते हुए 14 चौके और दो छक्के जमाए.
विंडीज से पहले खेलने का फायदा मिलेगा 
वेस्टइंडीज की टीम के साथ प्रैक्टिस मैच में खेलने का अनुभव कैसा रहा. इस पर मयंक का कहना है, 'प्रैक्टिस मैच में वेस्टइंडीज के बॉलर्स को खेलने का अच्छा एक्सपीरियेंस रहा है और उन्हें पहले खेलने का फायदा भी है कि अगर आपको आगे मौका मिलता है तो आप तैयार रहते हैं कि उनके खिलाफ कैसे खेलना है. ऐसे में बल्लेबाज के लिए थोड़ा आसान हो जाता है. वह गेंदबाज की बॉलिंग को समझने लगता है.'
कड़ी टक्कर दे सकता है वेस्टइंडीज 
वेस्टइंडीज टीम के बारे में बात करते हुए मयंक अग्रवाल का कहना है कि वह एक इंटरनेशनल टीम है. मजबूत टीम है. सीरीज में उनसे भारत को कड़ी टक्कर मिलेगी. हम अपनी तरफ से बेस्ट करेंगे.