रेल हादसा पीड़ितों से मुख्यमंत्री कैप्टन ने की मुलाकात,कहा 4 हफ्तों में होगी हर पहलू पर जांच



अमृतसर । पंजाब के अमृतसर में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे के शिकार लोगों को दिए जा रहे राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के साथ सिविल अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में दाखिल मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा। उन्होंने घायलों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। कुछ देर के बाद वह सिविल अस्पताल से रवाना हो गए।
उन्होंने अमनदीप सिंह अस्पताल में भी मरीजों से मुलाकात की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैप्टन ने घटना के प्रति दुख जताते कहा कि यह दुखदायी घटना है। इस हादसे में अब तक 59 लोगों की मौत हो गई,जबकि 57 के करीब घायल हैं। उन्होंने प्रशासन को पीड़ितों की हर संभव सहायता करने के आदेश दिए है। जब उनसे पूछा गया कि वह हादसे के इतने घंटे के बाद अमृतसर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वह इसराइल दौरे पर जाने वाले थे। जिस समय उन्हें हादसे का पता लगा तो वह दिल्ली में थे। उन्हें 4 सप्ताह में घटना की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए।

संकट आया तो राज गुजरने का इंतजार करते रहे कैप्टन

आखिर कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने हादसे वाली जगह पर जाने के लिए सुबह का इंतजार क्यों किया। तुरंत मौके पर जाकर राहत कार्यों का जायजा लेकर मौके के अफसरों को तुरंत आदेश क्यों नहीं जारी किए। घटना के बाद अमृतसर के लोगों में प्रशासन के बुरे प्रबंधों और दशहरा समागम में मौजूद कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ भारी गुस्सा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह की यह देरी समझ से परे है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने अमृतसर से ही लोकसभा के चुनाव लड़े थे । लोगों ने इस चुनाव में कैप्टन अमरेंद्र सिंह को अरुण जेतली के मुकाबले 1 लाख से अधिक वोटों के अंतराल के साथ जिताकर संसद में भेजा था। आज जब शहर के लोगों पर संकट आया है तो उन्होंने रात गुजरने का इंतजार किया।


मृतकों को 5-5 लाख देने की घोषणा
शुक्रवार शाम जब यह हादसा हुआ तब अमरेंद्र सिंह दिल्ली में मौजूद थे। हादसे के बाद उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने रात के वक्त ही इस संबंध में ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह खुद अमृतसर जा रहे हैं। वहां हालात का जायजा लेंगे। साथ ही अमरेंद्र सिंह ने अपने ट्वीट में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख के मुआवजे की घोषणा की थी। घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया था।