नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 साल पूरे करने पर बधाई दी। यह प्रस्ताव सिर्फ औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि ‘नेशन फर्स्ट’ और ‘सिटिजन फर्स्ट’ के सिद्धांतों पर आधारित उनके असाधारण नेतृत्व सफर का उत्सव है। गुजरात में तीन बार मिले जबरदस्त जनादेश और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में मिले समर्थन को जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया गया है। प्रस्ताव में गुजरात की लीडरशिप को राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ने वाली 10 खास बातें रेखांकित की गई हैं।
1. गुजरात से भारत तक विकास का विजन:
प्रस्ताव में बताया गया कि पीएम मोदी ने गुजरात की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। SWAGAT प्रणाली को 2010 में संयुक्त राष्ट्र पब्लिक सर्विस अवॉर्ड मिला, जिसने बाद में PRAGATI को प्रेरित किया। ज्योतिग्राम योजना के अलग कृषि बिजली फीडर भी राष्ट्रीय मॉडल बन गए।
2. गरीबों के लिए दया बनी बड़े पैमाने पर सम्मान
लगभग 60 करोड़ जन धन खाते, 4 करोड़ से ज्यादा घर और 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर निकलना इस बात का प्रमाण है कि व्यक्तिगत अनुभव सार्वजनिक कार्रवाई में बदल गए।
3. सशक्तिकरण से खुले नए दरवाजे
लगभग 3.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, स्टार्टअप-स्किल सुधार, ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा के PM-KISAN ट्रांसफर और PM-JANMAN जैसी योजनाओं ने युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदायों तक विकास पहुंचाया।
4. सुधारों के लिए पक्का इरादा
GST, वेलफेयर डिलीवरी सुधार और औपनिवेशिक कानूनों को बदलने जैसे कदम राजनीतिक जोखिम के बावजूद लिए गए। सफाई, डिजिटल पेमेंट और लोकल प्रोडक्ट्स पर अपील ने नागरिकों को बदलाव का हिस्सा बनाया।
5. आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव
पब्लिक कैपिटल खर्च ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹12 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग ₹2 लाख करोड़ से ₹13 लाख करोड़ पार कर गया। डिफेंस प्रोडक्शन और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई।
6. तकनीक नागरिकों की सेवा और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का साधन
जन धन-आधार-मोबाइल ट्रिनिटी और UPI ने वेलफेयर डिलीवरी और पेमेंट सिस्टम बदल दिए। स्वदेशी COVID वैक्सीन और चंद्रयान-3 की सफलता वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनीं। AI, क्वांटम और बायोटेक्नोलॉजी में भी काम आगे बढ़ा।
7. मुश्किल समय में मजबूत नेतृत्व
COVID महामारी और पश्चिम एशिया संकट के दौरान देश को एकजुट रखा। घरेलू वैक्सीन विकास और ऊर्जा सुरक्षा उपायों ने संकट काल में मजबूती दी।
8. सुरक्षा और शांति के लिए निर्णायक नेतृत्व
2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 का ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय सुरक्षा की रेड लाइन को दर्शाते हैं। अनुच्छेद 370 हटाना, वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजन भी इसी श्रेणी में आते हैं।
9. वैश्विक मंच पर मजबूत आवाज
G20 और BRICS में आम सहमति बनाना, ग्लोबल साउथ की वकालत, अफ्रीकन यूनियन का G20 में शामिल होना और वैक्सीन मैत्री जैसी पहल भारत के बढ़ते कद को दिखाती हैं। 36 देशों से मिले सम्मान अंतरराष्ट्रीय सम्मान का प्रमाण हैं।
10. विरासत और जिम्मेदारी से तरक्की को ताकत
जलवायु कार्रवाई, रिन्यूएबल एनर्जी विस्तार, योग, मिलेट्स, काशी विश्वनाथ धाम और राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा ने सांस्कृतिक आत्मविश्वास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ा। यह संकल्प 2047 तक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति नई प्रतिबद्धता के साथ समाप्त होता है। कैबिनेट का यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के नेतृत्व को राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में रेखांकित करता है।
