
नई दिल्ली। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और व्यापार, निवेश, रक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री टस्क 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों नेता भारत-पोलैंड संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा करने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।
टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और कारोबार जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा। दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री बेंगलुरु जाएंगे। वहां वह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अंतरिक्ष क्षेत्र सहित विभिन्न उद्योगों से जुड़े कारोबारियों और अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
भारत-पोलैंड व्यापार मंच का आयोजन 22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को बढ़ावा देना और निवेश के नए अवसर तलाशना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। दोनों देश व्यापार एवं निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और जन-जन के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने पर काम करेंगे। इस यात्रा से भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले 4 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वारसॉ में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने 2024-28 की संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की। चर्चा में व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, नौवहन, खनन, ऊर्जा, सांस्कृतिक संबंध और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषय शामिल रहे।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि भारत-यूरोपीय संघ सहयोग को मजबूत करने में पोलैंड के समर्थन को भारत महत्व देता है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने से दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा होगा। बैठक में आपूर्ति शृंखला की मजबूती, खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी।
वारसॉ यात्रा के दौरान जयशंकर ने पोलैंड के राष्ट्रपति कारोोल नवरोत्स्की से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की प्रगति के साथ यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) और जी20 से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ था।
डोनाल्ड टस्क का मौजूदा दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने और आर्थिक तथा रणनीतिक सहयोग के नए अवसर तलाशने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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